उदयपुर। राजस्थान में चांदी के अवैध परिवहन और तस्करी से जुड़े हुए मामले का खुलासा हुआ है। उदयपुर शहर के गोवर्धनविलास पुलिस (Police) थाना पुलिस ने श्रीनाथ ट्रेवल्स की स्लीपर बस नम्बर आरजे 27 पीबी 3053 को नाकाबंदी के दौरान बस केबिन से करीब 105 अलग-अलग वजन के पार्सल से करीब 04 क्विंटल 50 किलोग्राम चांदी (Silver) की सिल्लीयां व 07 क्विंटल 72 किलोग्राम चांदी (Silver) के आभूषण जब्त किये गये है. पुलिस (Police) सूत्रों के अनुसार रात्रि के समय बलिचा बाईपास पर नाकाबंदी करते हुए अहमदाबाद (Ahmedabad) से आगरा (Agra) जा रही श्रीनाथ ट्रेवल्स की स्लीपर बस नम्बर आरजे 27 पीबी 3053 को नाकाबंदी के दौरान बस केबिन से करीब 105 अलग-अलग वजन के पार्सल से करीब 04 क्विंटल 50 किलोग्राम चांदी (Silver) की सिल्लीयां व 07 क्विंटल 72 किलोग्राम चांदी (Silver) के आभूषण जब्त किये गये है. दिनांक 06.05.2022 को चैल सिंह थानाधिकारी गोवर्धनविलास मय टीम ने बलिचा बाईपास पर नाकाबंदी करते हुए अहमदाबाद (Ahmedabad) की तरफ आ रही श्रीनाथ ट्रेवल्स की स्लीपर बस नम्बर आरजे 27 पीबी 3053 को रोका व बस चालक का नाम पता पूछा तो बस चालक ने आपना नाम घेमर भाई देसाई पिता मगन भाई देशाई निवासी 205 शिव मंदीर रेजीडेंस, थाना रामोल, सीटीएम, वस्त्राल, अहमदाबाद (Ahmedabad) शहर गुजरात (Gujarat) होना बताया. जिसको बस के अंदर स्लीपर केबिन व साईड डिग्गी में भरे पार्सल के बारे पूछा तो कोई संतोषप्रद जवाब नही दिया. जिस पर पुलिस (Police) जाप्ता द्वारा उक्त बस को चैक किया गया तो बस के पिछे बने केबिन व साईड की डिग्गी में भारी मात्रा में पैक पार्सल नजर आये. जिनको मौके पर चैक किया तो चांदी (Silver) की सिल्लीयां व चांदी (Silver) के आभूषण पाये गये. जिनके संबंध में बस चालक से वैध कागजात मांगे तो कोई कागजात उपलब्ध नही होना बताया व उक्त चांदी (Silver) की सिल्लीयां व आभूषण के कोई कागजात उपलब्ध नही होने से मौके पर उक्त सामान का तोल करवाया गया तो कुल 105 पार्सल में अलग-अलग वजन के पार्सल से करीब 4 क्विंटल 50 किलोग्राम चांदी (Silver) की सिल्लीयां व 7 क्विंटल 72 किलोग्राम चांदी (Silver) के आभूषण होना पाया गया. जिसको नियमानुसार धारा 102 जाफौ में जब्त किया गया. उक्त चांदी (Silver) के संबंध में बस चालक से पूछताछ की गई तो बताया की यह माल अहमदाबाद (Ahmedabad) गुजरात (Gujarat) से भरा गया था. जिसको उदयपुर (Udaipur) शहर, नाथद्वारा, जयपुर (jaipur)व आगरा (Agra) में विभिन्न स्थानों पर देना था. प्रकरण में अग्रिम अनुसंधान जारी है. हालांकि यह माल किसका है और क्या वास्तव में यह तस्करी का माल है इस पर पुलिस गहन जांच में जुटी है.