महिला का राशन कार्ड बनाने में रिश्वत लेने वाले 13 लोगों को हुआ एड्स! जानें सोशल मीडिया पर वायरल खबर की सच्चाई


जयपुर. राजस्थान में एंटी करप्शन ब्यूरो आजकल भ्रष्टाचारियों पर जिस तरह से सर्जिकल स्ट्राइक में जुटा है, चुन चुन कर रिश्वतखोरों को सलाखों के पीछे पहुंचा रहा है, वो काबिल ए तारीफ कहा जा सकता है. राजस्थान के इतिहास में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का यह एक अब तक का सबसे बेहतरीन अभियान है जो लगातार चल रहा है. एसीबी डीजी भगवान लाल सोनी इस टीम का निर्देशन कर रहे हैं. एसीबी एडीजी दिनेश एमएन ने भी बेहद अहम भूमिका इसमें अदा की है. 

इस बीच राजस्थान के सोशल मीडिया ग्रुप्स में एक खबर वायरल हो रही है. जिसमें बताया जा रहा है कि रिश्वतखोरी का पाप ऐसा लगा कि 13 रिश्वतखोरों को एड्स हो गया.  
दरअसल यह खबर सही है लेकिन यह घटना साल 2018 की गोरखपुर जिले में एक भटहट गांव की है. वहां 13 लोगों को एड्स हो गया था. इन सबके एड्स की एक ही वजह थी रिश्वत. इन रिश्वतखोरों ने एक विधवा महिला के सामने शर्त रखी कि ‘काम करवाना है, तो हमारे साथ सोना होगा’. 

गौर करने वाली बात यह है कि इस महिला का पति मुंबई में रहता था. वहां किसी कारखाने में काम करता था. शादी के तीन साल बाद ही उसकी मौत हो गई थी. पति अकसर बीमार रहता था.  कोई संतान नहीं थी ना ही गरीब की कोई मदद करने वाला था. तब उसने सोचा कि क्यों नहीं उसका राशन कार्ड बन जाए और विधवा पेंशन मिल जाए, तो गरीबी में मदद मिलेगी. पर इन सबके लिए उसने अपने एक जानकार से मदद मांगी जो कि रोजगार सेवक था. रोजगार सेवक महिला को प्रधान के पास ले गया. प्रधान ने उसे सेक्रेटरी से मिलवाया. इन तीनों के अलावा बारी बारी अलग अलग खानापूर्ति पूरी करवाने के लिए महिला को 10 बिचौलिये भी मिले.

सब रिश्वतखोर थे लेकिन महिला के पैसा तो था नहीं ऐसे में काम के बदले अस्मत पर हाथ डाला. शायद उस औरत के पास भी गरीबी से बचने के लिए कोई और चारा बचा नहीं था. रिश्वतखोर दरिंदे उसके दर्द की कहानी सुनकर भी बिना शर्त के काम करने को तैयार नहीं थे. ऐसे में उसका मजबूरन एक एक सबने देह शोषण किया. पर भगवान के द्वार से असली फैसला यहीं से आना शुरू हो गया. 

महिला अचानक बीमार रहने लगी तो उसने अपने प्रधान को बताया. प्रधान जी ने पहले तो किसी नीम-हकीम से इलाज करवा दिया. पर तबीयत और बिगड़ रही थी. ऐसे में किसी समझदार डॉक्टर ने खून की जांच लिखी और जैसे ही रिपोर्ट आई तो प्रधान के होश फाख्ता हो गए. पता चला कि महिला को एड्स था. खबर फैलते ही फिर काम के बदले असमत मांगने वाले रिश्वतखोर एक एक करके इधर उधर भागने लगे. दबाव में महिला की बीआरडी कॉलेज में दोबारा जांच करवाई गई तो भी रिपोर्ट पॉजिटिव ही आई. तब इन रिश्वतखोरों ने भी एक-एक करके अपनी जांच करवाई तो उन सबको भी एड्स निकला. 

हालांकि लोगों ने कहा कि ​जैसी करनी वैसी भरनी. पर इन रिश्वतखोरों के कारण इनके परिवार में भी यह फैल गया. 

ऐसे में अब राजस्थान में जब लगातार रिश्वतखोर रोज पकड़े जा रहे हैं तो सोशल मीडिया यूजर्स इस खबर को वायरल कर रिश्वतखोरों को उनकी हरकतों से बाज आने की चेतावनी दे रहे हैं और कह रहे हैं कि भगवान सब देख रहे हैं, बचोगे नहीं.