उदयपुर-अहमदाबाद रेलवे ट्रैक उड़ाने की साजिश रचने वालों से बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद


जयपुर। उदयपुर-अहमदाबाद रेलवे ट्रैक उड़ाने की साजिश का खुलासा होने के बाद एटीएस लगातार आरोपियों से पूछताछ में जुटी है। और उनके असली मंसूबों को पूरी तरह से खंगाला जा रहा है। इस प्रकरण में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब एटीएस और एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ की टीम को एक और कामयाबी मिली है।

एटीएस द्वारा ग्राम ओडा थाना जावर माइंज़ ज़िला उदयपुर में स्थित रेल्वे ओवर ब्रिज पर विस्फोट की घटना के सम्बन्ध में अभियुक्त अंकुश सुहालका एवं बिहारीलाल सुहालका को ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश उदयपुर के समक्ष पेश कर 4 दिवस का पुलिस अभिरक्षा रिमांड प्राप्त किया। अनुसंधान के दौरान अभियुक्त अंकुश सुहालका की सूचना के आधार पर उसके अंबामाता घाटी तीतरडी उदयपुर स्थित मकान से अभियुक्त धूलचंद मीणा को विस्फोटक देने के स्थान की तस्दीक़ की जाने के पश्चात उसके पिता अभियुक्त बिहारीलाल की सूचना के आधार पर उसी मकान से भारी मात्रा में छिपाए गए विस्फोटक को ज़ब्त किया गया है।

अभियुक्त बिहारीलाल की सूचना पर उसके मकान में बने दो रोशनदानों में बने आलों में छिपा कर रखे गए कुल 64 डेटोनेटर, 17 कार्ट्रिज, 22 बण्डल फ़्यूज़ वायर (प्रत्येक में लगभग 7 मीटर वायर और 1 बण्डल कोर्टेक्स वायर लगभग 100 मीटर) एटीएस द्वारा ज़ब्त किया गया है।

उक्त सामान प्रथम दृष्टया घटनास्थल पर मिले विस्फोटकों के अवशेषों के समान ही पाया गया है। मौक़े से ज़ब्त शुदा सामान के सैम्पल एफएसएल भिजवाए जाकर परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त की जाएगी। अभियुक्त बिहारीलाल से किए गए अनुसंधान से उसके द्वारा लम्बे समय से अवैध विस्फोटकों का विक्रय स्थानीय व्यक्तियों को किए जाना पाया गया है। इसी सूचना के आधार पर मुख्य अभियुक्त धूलचंद भी बिहारीलाल सुहालका के पुत्र अंकुश सुहालका से विस्फोट में काम में लिए गए डेटोनेटरए गुल्ले और फँसे वायर लेकर गया था। बता दें कि जमीन का मुआवजा नहीं मिलने से आरोपी नाराज था और रेलवे ट्रैक पुल बनाने के लिए जमीन अधिग्रहित की गई थी। इसके बाद तीनों आरोपियों ने ट्रेन जाने के बाद पुल पर बारूद लगाया था। और लाइन पर विस्फोट किया था।