नई दिल्ली। क्या कांग्रेस के दिग्गज नेता माने जाने वाले गुलाम नबी आजाद भी अब पार्टी को गुड बाय कहने वाले हैं? आजाद कांग्रेस से दूर होकर क्या बीजेपी ज्वाइन करने वाले हैं? या आजाद कुछ और नया करने वाले हैं? जम्मू कश्मीर की राजनीति में यह सवाल इस वक्त काफी चर्चा में है क्योंकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) आजकल अनमने दिख रहे हैं। जी-23 नेताओं के अगुआ नेताओं में शुमार आजाद इन दिनों पार्टी के कार्यक्रमों में भी नहीं दिखते। और तो और अब एक नए घटनाक्रम ने उनकी नाराजगी की खबरों को फिर से हवा मिली है। जहां आजाद ने जम्मू-कश्मीर में पार्टी के प्रचार समिति का चीफ नियुक्त होने के महज 3 घंटे के बाद ही इस्तीफा दे दिया है। पार्टी ने आजाद को खुश करने के लिए कांग्रेस ने उनके करीबी विकार रसूल वानी को राज्य का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया था। लेकिन आजाद ने अपने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए पद छोड़ दिया है। माना जा रहा है कि आजाद पार्टी के फैसले से खुश नहीं हैं। आजाद पार्टी में लगातार अपनी अनदेखी से नाराज रहे हैं लेकिन अब उनका मन पूरी तरह से पार्टी से उछल चुका है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आजाद की खुले कंठ से प्रशंसा कर चुके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आजाद के मोदी के सीधे रिश्ते भी कहीं ना कहीं कांग्रेस से आजाद को दूर करने में कामयाब होंगे।