जयपुर. राजस्थान के शिक्षा मंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा विवादों में आ गए हैं. और अब विपक्ष ने ना केवल राजस्थान लोक सेवा आयोग की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगाए हैं बल्कि गोविंद सिंह डोटासरा को तुरंत पद से हटाने की भी मांग की है.
दरअसल आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा 2016 और 2018 के साक्षात्कार में तीन अभ्यर्थियों के समान अंकों का मामला सामने आया है। इनमें जिन उम्मीदवारों को समान अंक मिले है, वो पीसीसी चीफ और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा की पुत्रवधू प्रतिभा व उसके भाई-बहन हैं. जिसके बाद ना केवल सोशल मीडिया और मीडिया में यह मामला प्रमुखता से छाया हुआ है बल्कि अब विपक्ष ने भी डोटासरा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से तुरंत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा को पद से मुक्त करने की मांग की है. कटारिया ने कहा कि डोटासरा के तीन परिजनों के आरएएस परीक्षा के साक्षात्कार 80 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आश्चर्यजनक है. इतने नम्बर तो टॉपर्स के भी नहीं आए. मामले की उच्च स्तरीय जांच हो. ताकि योग्य विद्यार्थियों के साथ खिलवाड़ ना हो.
साथ ही कटारिया ने इस पूरे मामले में आरपीएससी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि कभी सोचा नहीं था पुलिस सेवा में रहते हुए एक अच्छे अफसर भूपेन्द्र यादव के कार्यकाल में भी ऐसा देखने को मिलेगा.
शिक्षा मंत्री डोटासरा ने दी सफाई
शिक्षा मंत्री डोटासरा ने सफाई देते हुए कहा है कि मेरी पुत्रवधू प्रतिभा की आरएएस 2016 के परिणाम में नौंवी रैंक आई थी। उस समय तो उनके बेटे का रिश्ता भी नहीं हुआ था। साथ ही उन्होंने एमबीबीस के बाद टॉप किया है। डोटासरा का कहना है कि 80 अंक तो कई होनहारों के आए हैं। प्रतिभा की बड़ी बहन का नम्बर इस बार आया है। वह पहले से तैयारी कर रही थी। वह अपने दौर की टॉपर है। वहीं भाई गौरव भी दिल्ली यूनिवर्सिटी के टॉपर रहे है।