उत्तर प्रदेश. कहा जाता है कि भारत में केंद्र की सत्ता का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुज़रता है. राजनीतिक गलियारों की ये कहावत नई नहीं है. और इसीलिए सारी पार्टियां दम लगाने में नुती हैं. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 11 जिलों की 58 सीटों पर वोटिंग खत्म हो चुकी है. पहले चरण में 623 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा. शाम 6 बजे तक 60.17% मतदान हुआ. मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक हुआ. कोरोना के चलते वोटिंग के लिए चुनाव आयोग ने 1 घंटे का समय बढ़ाया है. 58 सीटों में से 12 सीटें संवेदनशील हैं. ये सीटें खैरागढ़, फतेहाबाद, आगरा दक्षिण, बाह, छाता, मथुरा, सरधना, मेरठ शहर, छपरौली, बड़ौत, बागपत और कैराना हैं. पहले चरण में 898 मोहल्ले और 5535 पोलिंग सेंटर संवेदनशील रखे गए हैं. उधर अब 14 फरवरी को होने वाले दूसरे चरण के मतदान से पहले सभी राजनीतिक दल अपने चुनाव प्रचार को धार देने में जुटे हैं. इसी कड़ी में बिलासपुर पहुंचे सपा प्रमुख एवं पूर्व अध्यक्ष अखिलेश यादव ने साधा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना, सीएम योगी के बयान, ‘कैराना से तमंचावाद पार्टी का प्रत्यार्शी धमकी दे रहा है, यानी गर्मी अभी नहीं हुई है शांत, 10 मार्च के बाद शांत हो जाएगी गर्मी’ वाले बयान पर अखिलेश यादव ने किया पलटवार, अखिलेश यादव ने कहा- जो किसी की गर्मी निकालने चले थे पहले चरण में ही उनके अपने समर्थक ठंडे पड़ गए’, इस दौरान अखिलेश यादव ने उठाए चुनाव आयोग पर सवाल, कहा- ‘चुनाव आयोग से अपील है और साथ ही ये अपेक्षा है कि जहां भी EVM ख़राब होने या जानबूझकर मतदान धीमे कराए जाने के आरोप लग रहे हैं, उन मतदान केंद्रों पर वो करे तत्काल यथोचित कार्रवाई, ‘सुचारू और निष्पक्ष मतदान’ चुनाव आयोग की है सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी.