जयपुर। राजस्थान में साम्प्रदायिकता की राजनीति इन दिनों जोरों पर है। करौली में हुए दंगों और अलवर में मंदिर तोड़ने के बाद गमाई राजनीति को दोनों पार्टियां खत्म नहीं होने देना चाहती। रविवार को जहां भोपाल पहुंचे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि अशोक गहलोत राजस्थान में कांग्रेस के लिए बहादुरशाह जफर साबित होंगे, वहीं मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि बीजेपी का एजेंडा बहुत खतरनाक है और करौली दंगे एक प्रयोग था।
जयपुर में गहलोत ने कहा कि कहा है कि करौली में जो दंगा हुआ, वो एक तरह से BJP का प्रयोग था। वही प्रयोग रामनवमी पर 7 राज्यों में हुआ है। वहां दंगे भड़के, फिर बुलडोजर चलाने के लिए आ गए। गहलोत ने कहा जब कहीं पर दंगा होता है तो आरोपियों के साथ सड़क पर चलते हुए निर्दोष लोग भी फंस जाते हैं। यहीं करौली में हुआ होगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग कहने लगे कि करौली में निर्दोष फंस गए हैं। मैंने उनको कहा- हो सकता है। निर्दोष होंगे तो उनको छोड़ देंगे। दूसरे राज्यों में निर्दोषों पर आप बुलडोजर कैसे चला रहे हो। मध्यप्रदेश-यूपी में जो लोग पकड़े गए हैं। उन सबके घर तोड़ दिए गए। इनका एजेंडा बहुत खतरनाक है। गहलोत एक हार्ट कैंप कार्यक्रम में सम्मलित होने के लिए पहुंचे थे।
गहलोत बोले- मुझे नहीं मालूम कि पूनिया ने क्या कहा, लेकिन जो कुछ कहा-सुना जा रहा है, वह कोई नई बात नहीं है। पूरे देश के अंदर तनाव-हिंसा का माहौल है। संविधान और कानून की धज्जियां उड़ रही हैं। उनका बोलना उसका ही एक पार्ट है। RSS और BJP ने तय कर रखा है कि हमें इस देश को किस प्रकार बांटना है। हिंदू-मुस्लिम के बीच, धर्मों के बीच, जाति के बीच बांटना उनके एजेंडा का पार्ट है। ये अभी तो शुरुआत है। आने वाले समय में और बड़े अटैक बीजेपी के लोग करेंगे।