राजनीतिक मैदान में जिंदा रहने के लिए किसान आंदोलन में जड़ी बूटी खोज रहे हैं नेता: PM, कही यह 10 बड़ी बातें


नई दिल्ली. देशभर में चल रहे किसान आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जमकर किसान आंदोलन को बढ़ावा देने वाले नेताओं पर और राज्य सरकारों पर बरसे. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक तरह से साफ मैसेज भी दिया कि सरकार इस मामले में कहीं बैकफुट पर आने वाली नहीं है, हां किसानों के हित में सरकार को जो भी कदम उठाना होगा उसके लिए मोदी ने सहमति जताई. 

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के तहत वित्तीय लाभ की किश्त जारी की. प्रधानमंत्री ने 9 करोड़ 4 लाख से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों को लगभग 18,000 करोड़ की राशि हस्तांतरित की. पीएम मोदी ने इस आयोजन के दौरान 6 राज्यों के किसानों के साथ बातचीत भी की. किसानों के कल्याण के लिए सरकार ने जो कदम उठाएं हैं, उनसे कैसे लाभ मिला, इसके अनुभव साझा किए. इस दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री भी उपस्थित रहे. और इसी कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जमकर किसान नेताओं और इस आंदोलन को बढ़ावा देने वालों पर बरसे.  

 

PM ने कही 10 बड़ी बातें


1- छोटे किसानों के साथ पुरानी सरकारों ने अन्याय किया. सरकारों ने वादा किया और भुला दिया.


2- विपक्षियों को सिर्फ अपना सियासी स्वार्थ दिखता है. विरोध करने वालों के पास तर्क नहीं हैं.


3- MSP पर रिकॉर्ड स्तर पर खरीददारी हो रही है.


4- कुछ स्वार्थी नेता गरीब किसानों के कंधों पर बंदूक रखकर फोड़ रहे हैं. जिन्हें जनता ने नकार वो किसानों को गुमराह कर रहे हैं. किसान आंदोलन की आड़ में कुछ और किया जा रहा है.


5- मैं किसान भाइयों को भरोसा दिलाता हूं कि आप के विश्वास पर हम कोई कमी नहीं आने देंगे. सरकार हर कदम पर किसानों के साथ. किसानों के हितों पर आंच नहीं आने देंगे.


6- मैं फिर एक बार फिर किसान हित में पूरी नम्रता के साथ उन लोगों को भी जो हमारा पूरा विरोध करते हैं और आंदोलनकारी किसानों सेे भी बात करने के लिए तैयार हूं लेकिन बात मुद्दों पर होगी, तर्क और तथ्यों पर होगी.


7- किसान आंदोलन को लेकर विपक्ष पर बरसे पीएम मोदी और कहा कि 'जिन्हें जनता ने नकार दिया वे इवेंट मैनेजमेंट करके अपनी राजनीति चमका रहे हैं'


8- पीएम मोदी ने कहा, 'जो दल पश्चिम बंगाल में किसानों के हित पर कुछ नहीं बोलते वे यहां दिल्ली के नागरिकों को परेशान करते हैं. वो भी किसान के नाम पर. इन दलों को आपने सुना होगा, मंडिया बोल रहे हैं, एपीएमसी बोल रहे हैं. लेकिन केरल में एपीएमसी नहीं है, मंडियां नहीं हैं, उस पर चुप हैं. केरल में आंदोलन करके वहां एपीएमसी चलाओ. अगर ये व्यवस्था अच्छी है तो केरल में क्यों नहीं है.'


9- पीएम मोदी ने कहा, 'किसानों के नाम पर झंडे लेकर खेल खेला जा रहा है अब उनको यह सच सुनना होगा. ये लोग अखबारों में जगह बनाकर राजनीतिक मैदान में जिंदा रहने के लिए जड़ी बूटी खोज रहे हैं. देश का किसान उनको पहचान गया है. अब कोई जड़ी बूटी देने वाला नहीं है. ये लोग निर्दोष किसानों की जिंदगी के साथ न खेलें, उन्हें गुमराह न करें.'


10- पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर भी जमकर प्रहार किया और कहा, 'मुझे आज इस बात का अफसोस है कि पश्चिम बंगाल के 70 लाख से अधिक किसान भाई-बहनों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। बंगाल के 23 लाख से अधिक किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं। लेकिन राज्य सरकार ने वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को इतने लंबे समय से रोक रखा है। बंगाल की सरकार अपने राजनीतिक कारणों के उनके राज्य के किसानों को भारत सरकार से पैसा जाने वाला, फिर भी वह पैसे उन्हें नहीं मिल रहे हैं। कई किसानों ने भारत सरकार को सीधे चिट्ठी लिखी। उसे भी मान्यता नहीं दी।'