Good bye TRUMP, जो बाइडेन बने अमेरिका के नए प्रेसिडेंट


वाशिंगटन  (न्यू जर्सी से निमिषा सिंह की रिपोर्ट). अमेरिका के इतिहास में अब तक के सबसे रोचक चुनावों में जो बाइडेन ने बाजी मार ली है. डेमोक्रेट पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति बनेंगे. 77 साल के बाइडेन अमेरिका के राष्ट्रपति बनने वाले सबसे बुजुर्ग व्यक्ति हैं.हालांकि मतगणना चलने के दौरान नतीजे काफी उतार-चढ़ाव वाले रहे. जहां दोनों ही प्रत्याशी लगातार अपनी जीत का दावा करते रहे. ट्रम्प भी लगातार यह कहते रहे कि वह चुनाव जीत रहे हैं. ट्रम्प ने कई मुद्दों पर मतगणना के दौरान विरोध भी किया. उधर जैसे जैसे अमेरिकी चुनाव नतीजे उतार चढ़ाव लेते रहे यूएसए में कई जगह हिंसक घटनाएं भी हुई और सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने मुस्तैदी से एक्शन भी लिया. पेंसिल्वेनिया राज्य में जो बाइडन ने बड़ी जीत हासिल करने के साथ ही व्हाइट हाउस तक पहुंचने के लिए ज़रूरी 270 इलेक्टोरल कॉलेज वोट के आंकड़े को वो पार कर लिया है. हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा शेष है.

अमेरिका के नए राष्ट्राध्यक्ष जो बाइडेन अमेरिकी राजनेता हैं, जो संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में 2009 से 2017 तक उपराष्ट्रपति के रूप में कार्य कर चुके हैं. बराक ओबामा के साथ दो बार साथ चुनाव लड़ चुके हैं. जो बाइडेन यानी जोसेफ रॉबिनेट बाइडेन जूनियर का जन्म साल 1942 में पेन्सिलवेनिया राज्य के स्क्रैंटन में हुआ था. वह अपने बचपन में ही डेलवेयर चले गए थे. 1972 में बाइडेन सीनेट के लिए चुने गए जो सबसे कम उम्र के लोगों में से एक बने.

लेकिन इसके कुछ ही हफ्तों बाद, बाइडेन के परिवार में एक त्रासदी हुई, जब एक कार एक्सीडेंट में उनकी पत्नी नीलिया और बेटी नाओमी की मौत हो गई, जबकि उनके बेटे हंटर और ब्यू गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

 

उधर इस जीत के साथ ही बधाइयों का सिलसिला भी शुरू हो गया है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने जो बाइडेन के अमेरिका का राष्ट्रपति और भारतीय मूल की कमला हैरिस के उप राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उन्हें बधाई दी. उन्होंने ट्वीट किया, 'अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन को बधाई. मुझे भरोसा है कि वह अमेरिका को एकजुट करेंगे और एक स्पष्ट दिशा का मजबूत भाव प्रदान करेंगे.'