India

Oh my Gold... सोने की मांग में 36% की कमी, 11 साल के सबसे निचले स्तर पर ज्वैलरी की मांग

मुम्बई.कोरोना और लॉकडाउन के चलते सोने की चमक फीकी पड़ गई है. सोने में निवेश और मांग दोनों में भारी कमी आई है. जनवरी से मार्च तिमाही में सोने की मांग में गिरावट के चलते सोने की मांग में 36 फीसदी की भारी कमी आई वहीं ज्वैलरी की मांग 11 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है. जनवरी-मार्च की तिमाही में सोने की मांग घटकर 102 टन ही रह गई. वर्ल्‍ड गोल्‍ड काउंसिल (WGC) की रिपार्ट के मुताबिक जनवरी से मार्च के दौरान ज्वैलरी की मांग में 41 फीसदी की जबरदस्त गिरावट आई है. सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी, आर्थिक अनिश्चितताओं, उठापटक, कोरोना और लॉकडाउन के कारण पहली तिमाही में सोने की मांग घटकर 102 टन रह गई. माना जा रहा है दूसरी तिमाही में सोने की मांग और निवेश के हिसाब से हालत और बिगड़ेंगे. वर्ल्‍ड गोल्‍ड काउंसिल (WGC) के मुताबिक जनवरी से मार्च के दौरान ज्वैलरी की मांग में भी भारी कमी ...

चला गया 'बॉबी' का हीरो... अलविदा ऋषि कपूर

मुबई. 'मकबूल' के बाद चला गया बॉलीवुड का 'रऊफ लाला'. इरफान खान के निधन के ठीक अगले दिन जाने माने अभिनेता ऋषि कपूर के निधन ने पूरे देश की आंखें नम कर दी, कैंसर से जंग में हारे ऋषि कपूर ने 67 की उम्र में मुंबई के अस्पताल में आखिरी सांस ली. फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन ने ट्वीट कर उनके निधन की सूचना दी. ऋषि कपूर की तबीयत खराब होने के बाद परिजनों ने दक्षिण मुम्बई के सर एच. एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया था. ऋषि कपूर को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और कैंसर से जुड़ा उनका इलाज अभी भी चल ही रहा था. बताया गया कि उन्हें वेंटिलेटर पर भी इलाज के दौरान रखा गया. ऋषि कपूर की पत्नी नीतू सिंह निधन के वक्त अस्पताल में उन्हीं के साथ मौजूद रहीं. वो दिन रात उनकी देखभाल में जुटी थी. ऋषि‌ कपूर पिछले साल सितंबर महीने में न्यूयॉर्क से कैंसर का इलाज कराके मुम्बई लौटे ...

अलविदा इरफान! देशभर में इस महान अदाकार के निधन पर आंखें नम, शोक की लहर

मुंबई. दुनियाभर में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाने वाले बॉलीवुड के प्रतिभावान अभिनेता इरफान खान का बुधवार को निधन हो गया. मंगलवार को पेट के संक्रमण की शिकायत के बाद उनको कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वो जिंदगी की जंग हार गए. निधन के वक्त इरफान के परिजन मौजूद थे. परिजनों ने बताया कि इरफान अपने अंतिम समय में मां को याद कर रहे थे और उनको याद करते हुए ही मां के पास चले गए. गौरतलब है कि तीन दिन पहले ही उनकी 95वें साल की मां ने लंबी बीमारी के देह त्याग दी थी जिसको लेकर वो काफी दुखी भी थे और लगातार अपनी मां को याद कर रहे थे. 53 वर्षीय इस कलाकार के निधन की खबर आते ही बॉलीवुड में शोक की लहर है वहीं राजस्थान में भी प्रदेशवासी गमगीन हो गए क्योंकि यह महान कलाकार राजस्थान के जयपुर और टोंक से ताल्लुक रखता था जहां इरफान का बचपन बीता. अपने अभिनय के दम पर लोगों ...

कोरोना और लॉकडाउन पर PM ने की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक, जानिए क्या खास रहा

नई दिल्ली. 'कोरोना का प्रभाव आने वाले महीनों में दिखाई देगा. मास्क और फेस कवर जीवन का हिस्सा होंगे. लॉकडाउन के सकारात्मक परिणाम मिले हैं और भारत देश पिछले डेढ़ माह में हजारों लोगों की जान बचाने में कामयाब रहा. समय पर उपायों के कारण भारत कई लोगों की रक्षा करने में सक्षम रहा है.' यह बात भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के अलग अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा के दौरान कही. सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश के मुख्यमंत्रियों से कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों और लॉकडाउन की समीक्षा के दौरान कहा कि 'हमें अर्थव्यवस्था को महत्व देना होगा और साथ ही कोरोना के खिलाफ लड़ाई को भी जारी रखना होगा.' साथ ही कहा कि टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर अधिक से अधिक जोर देना होगा और सुधार के उपायों को अपनाने के लिए समय का उपयोग करना होगा. पीएम मोदी बोले आने...

18 जून तक भारत में खत्म हो जाएगी कोरोना महामारी! दो रिसर्च की सुखद भविष्यवाणी

नई दिल्ली. हर भारतवासी के मन में यह सवाल है कि आखिर कब खत्म होगा कोरोना? कब फिर से भारतीय पहले जैसा सामान्य जीवन जी पाएंगे और फिर से देश में उद्योग धंधे खड़े होंगे? लोगों का सही से दो वक्त की रोटी और रोजगार मिलेगा? इस मसले पर ना तो केन्द्र और ना ही राज्य सरकार अब तक खुलकर कोई दावा कर पा रहे हैं ना ही यह बता पा रहे हैं कि कब तक जन जीवन सामान्य हो जाएगा. पर इन सबसे परे दो भविष्यवाणियां भारत को लेकर इस वक्त चर्चा में है. जिसका आधार है कोरोना संक्रमण से जुड़े डाटा का गहन अध्ययन और रिसर्च. दोनों ही भविष्यवाणियों का निष्कर्ष यह निकलकर आ रहा है कि भारत में मई में कोरोना का प्रकोप काफी हद तक कम हो जाएगा. और यदि सबकुछ ठीक रहा, सरकारी निर्णय अभी की ही तरह प्रभावी रहे, सख्ती रही तो 18 जून को देश कोरोना से मुक्त भी हो जाएगा. पहली भविष्यवाणी सिंगापुर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड डिजाइन (S...

देश में आज से सभी दुकानों को शर्तों के साथ खोलने की छूट, गृह मंत्रालय के आदेश

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने छोटे व्यापारियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है. लॉक डाउन के बीच ना केवल जरूरी सामानों की दुकानों को खोलने का आदेश जारी कर दिया है, बल्कि गैर जरूरी सामानों की दुकानें भी खोलने की छूट दी है. लेकिन यह सब कुछ शर्तों के साथ हो सकेगा.  बड़ी बात यह है कि कोरोना के हॉट स्पॉट बने एरिया में और कोरोना संक्रमित क्षेत्रों में इन दुकानों को खोलने की इजाजत नहीं होगी.  केंद्र सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन लागू कर रखा है जो 3 मई तक चलने वाला है. इस बीच गृह मंत्रालय ने यह अहम आदेश जारी किया है. इस आदेश के मुताबिक आवासीय कॉलोनियों के समीप बनी दुकानों और स्टैंड-अलोन दुकानों को खोलने की छूट दी गई जो कि नगरपालिका और नगर निगमों की सीमा के भीतर आती हों. दुकानों में सिर्फ 50 फीसदी यानी आधा ही स्टाफ काम करेगा, और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ स्टाफ को मास्क लग...

कोरोना वैक्सीन पर दुनिया का सबसे बड़ा ट्रायल ब्रिटेन में शुरू, सुखद परिणामों की उम्मीद

लंदन (सौम्यता मिश्रा). कोरोना की लगातार मिल रही निराशाजनक और डरावनी खबरों के बीच एक अच्छी खबर आई है. कोरोना को हराने के लिए इंसानों पर ब्रिटेन में दुनिया का सबसे बड़ा ड्रग ट्रायल शुरू हो गया है. युद्ध स्तर पर शुरू हुए इस परीक्षण पर पूरे विश्‍व की नजरें हैं. और हर कोई एक बड़ी उम्मीद इससे लगाए हुए है. ब्रिटेन के वैज्ञानिकों को भरोसा है कि ऑक्‍सफर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्‍सीन 'ChAdOx1 nCoV-19' से आने वाले कुछ सप्‍ताह में चमत्‍कार और सुखद परिणाम दुनिया के सामने आ सकते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्रिटेन में 165 अस्‍पतालों में करीब 5 हजार मरीजों पर 30 दिनों तक यह परीक्षण चलेगा. इसी तरह से यूरोप और अमेरिका में भी सैकड़ों लोगों पर इस वैक्‍सीन का परीक्षण होगा. इस वैक्‍सीन का परीक्षण सबसे पहले युवाओं पर किया जा रहा है. सबकुछ ठीक रहा तो जल्द अन्‍य आ...

दुनिया डर रही है पर इस गांव में चमगादड़ की होती है पूजा, वही कर रहे कोरोना से रक्षा!

रामपुर रत्नाकर (बिहार). एक तरफ चमगादड़ दुनिया के सबसे बड़े खलनायक बन गए हैं, हर कोई इस नाम से ही सहम जाता है, तो दूसरी तरफ दुनिया का एक गांव ऐसा भी है जहां इनकी पूजा की जा रही है, चमगादड शत्रु नहीं मित्र हैं. इतना ही नहीं चमगादड़ों को दैवीय अंश मानते हुए दिन रात इनकी पूजा करते हैं. यह गांव भारत के बिहार राज्य में मौजूद है. बिहार के रामपुर रत्नाकर गांव के लोग इन चमगादड़ों के प्रति इनती आस्था रखते हैं कि किसकी मजाल की उन चमगादड़ों के ऊपर आंख उठा कर देख भी ले. इस गांव में सैकड़ों एकड़ में कई साल पहले चमगादड़ों को बसाया गया और वहां के लोग आज भी इसे दैवीय रूप मानकर इसका संरक्षण कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि कोई भी विपदा हो हर वक्त ये चमगादड़ इन्हें पूर्व आभास कराते हैं. चाहे फिर कोसी की बाढ़ हो या 1934 का प्रलयंकारी भूकंप, हर बार इन चमगादड़ों ने आने वाली विपदा का आभास कराया है. गांव क...

अब डॉक्टर/स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला किया तो 7 साल तक की जेल, भारी जुर्माना, मोदी सरकार का अध्यादेश

नई दिल्ली. अपनी जान दाव पर लगाकर दिन-रात सेवा में कोरोना वॉरियर्स डॉक्टर्स और अन्य चिकित्साकर्मियों पर हमला करने वालों की अब खैर नहीं होगी. कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहे स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा को देखते हुए मोदी सरकार ने अध्यादेश लाने का फैसला लिया है. केन्द्र सरकार ने साफ कहा है कि स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ होने वाले हमलों और उत्पीड़न को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उनकी सुरक्षा के लिए सरकार पूरा संरक्षण देने वाला अध्यादेश जारी करेगी. जिसके तहत अब गैर जमानती कार्रवाई होगी और सात साल की सजा तक का प्रावधान होगा. केन्द्रीय सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को मंत्रीमंडल की बैठक के बाद बताया कि 'देश में कोरोना महामारी के जूझ रहे डॉक्टरों और आरोग्य कर्मचारियों पर हमले किसी सूरत में स्वीकार नहीं किए जाएंगे. स्वाथ्यकर्मियों को सुरक्षा देने के लिए प्रधानमंत्री...

कोरोना की जंग में PM मोदी बने दुनिया के नम्बर वन 1 लीडर, ट्रंप फिसड्डी साबित, सर्वे में खुलासा

न्यूयॉर्क. कोरोना वायरस की जंग में भारत मजबूती से मुकाबला कर रहा है और देश की जनता को अपने मुखिया पर सबसे ज्यादा भरोसा है. इसी का नतीजा है कि कोरोना की रोकथाम में भारत के PM नरेंद्र मोदी दुनिया में सबसे लोकप्रिय नेता बने हैं. 1 जनवरी से 14 अप्रैल तक USA में किए एक सर्वे में मोदी लगातार सबसे आगे रहे. सर्वे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सबसे पीछे रहे. अमेरिका की ग्लोबल डेटा इंटेलीजेंस कंपनी ने कोरोना वायरस की लड़ाई से संबंधित दुनिया भर के आंकड़े जारी किए, जिसमें यह खुलासा हुआ. बड़ी बात यह है कि अमेरिका में रहने वाले सभी देशों के नागरिकों को इस सर्वे में शामिल किया गया. सर्वे का सवाल था कि कोरोना रोकथाम में दुनिया का कौन सा नेता सबसे आगे है? सवाल के आधार पर सामने आए नतीजों को कम्पाइल कर इस सर्वे के नतीजे जारी किए गए. इन आंकड़ों में दुनिया के सभी बड़े नेताओं की रेटिंग भी जारी की...