India

67 करोड़ गरीबों के लिए एक देश-एक राशन कार्ड, 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को 2 माह मुफ्त अनाज

नई दिल्ली.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत की गई घोषणाओं को लेकर राहत पैकेज का दूसरा ब्रेकअप गुरुवार को जारी किया गया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि कैसे राहत दी जाएगी. 20 लाख करोड़ रुपए के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत गुरुवार को उन्होंने कुल 9 घोषणाएं कीं. इनमें से 3 घोषणाएं प्रवासी मजदूर, 2 छोटे किसानों और एक-एक घोषणा मुद्रा लोन, स्ट्रीट वेंडर्स, हाउसिंग और आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार से जुड़ी थीं.   बड़ी बातें:    - वित्त मंत्री ने इन घोषणाओं से 67 करोड़ गरीब, 8 करोड़ प्रवासी मजदूर, 5.5 करोड़ किसान, 50 लाख स्ट्रीट वेंडर्स, 37 लाख छोटे कारोबारी, 2.5 लाख मध्यम वर्गीय परिवार लाभांवित होंने का दावा किया है. -50 लाख रेहड़ी-पटरी कारोबारियों के लिए 10 हजार रुपये का विशेष लोन दिया जाएगा. इसके लिए सरकार 5 हजार करोड़ खर्च ...

45 लाख छोटे उद्योगों को 3 लाख करोड़ का कर्ज, TDS में 25% की कटौती तो ITR की तारीख 30 नवंबर तक बढ़ाई

नई दिल्ली. लॉक डाउन और कोरोना संकट के बीच अर्थव्यस्था को बूस्ट करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 12 मई को 20 लाख करोड़ के भारी भरकम पैकेज (Atmanirbhar Bharat Package) का ऐलान किया गया. जिसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पैकेज का किस तरह इस्तेमाल किया जाएगा, उसकी जानकारी दी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर भारत के लिए 20 लाख करोड़ के विशेष पैकेज को किस सेक्टर में कितना दिया जाएगा विस्तार से बताया.   वित्त मंत्री की बड़ी बातें   - इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ा दी गई है. इसे 30 सितंबर कर दिया गया है. इसी तरह विवाद से विश्‍वास स्‍कीम की डेडलाइन को 31 दिसंबर 2020 तक कर दी गई है. पहले ये 30 जून तक के लिए था. - टैक्‍सपेयर्स को 31 मार्च 2021 तक टीडीएस कटौती में 25 फीसदी की राहत मि...

देश में स्वदेशी आंदोलन की फिर जगी अलख, 10 लाख केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल अपनाएंगे स्वदेशी उत्पाद

नई दिल्ली. भारत में एक बार फिर स्वदेशी आंदोलन को बल मिला है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार रात अपने संबोधन में कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब लोकल प्रोडक्ट्स (भारत में बने उत्पाद) का उपयोग करना होगा. उन्होंने सभी लोगों से अपील की थी कि खादी की तरह वे दूसरे उत्पादों में भी स्वदेशी को महत्व दें. लोकल के लिए वोकल बनें. उनकी इस अपील का सबसे बड़ा और पहला असर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों पर हुआ. इन बलों की कैंटीन और स्टोर्स पर अब केवल स्वदेशी उत्पाद ही मिलेंगे. गृह मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि अब सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की कैंटीनों पर सिर्फ स्वदेशी उत्पादों की ही बिक्री होगी. 01 जून 2020 से देशभर की सभी CAPF कैंटीनों पर यह लागू होगा. इससे लगभग 10 लाख CAPF कर्मियों के 50 लाख परिजन स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करेंगे.' केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ...

18 मई से भारत में लॉकडाउन-4 होगा लागू, भारत के लिए 20 लाख करोड़ के विशेष पैकेज का ऐलान

नई दिल्ली. देश में 18 मई से लागू होगा लॉकडाउन-4. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की घोषणा देेेश को संबोधित करते हुए यह घोषणा की.  यह लॉकडाउन नए रूप के साथ आएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत देश की अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए 20 लाख करोड़ के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की है. देश को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह भारत की जीडीपी का करीब 10 फ़ीसदी है. कोरोना संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'एक वायरस ने दुनिया को तहस-नहस कर दिया है. हमने ऐसा संकट ना देखा है ना सुना है. मानव जाति के लिए यह अकल्पनीय है. हमें बचना भी है और आगे बढ़ना भी है.' प्रधमनमंत्री ने कहा कि 'हमारे देश का गौरवपूर्ण इतिहास रहा है. भारत के कार्य का प्रभाव विश्वकल्याण पर पड़ता है. दुनिया को भरोसा हो गया है कि भारत बहुत अच्छा कर सकता है. जिंदगी और मौत की लड़ाई...

जानें कहां से कहां तक और कब चलेंगी 12 मई से शुरू हो रही ट्रेनें

नई दिल्ली. जो भारतीय रेल विश्वयुद्ध के दौरान भी कभी थमी नहीं थी, लॉकडाउन के चलते वो भारतीय रेल भी ठहर गई थी, लेकिन 12 मई से वापस पैसेंजन ट्रेन चलाने का लेकर ग्रीन सिग्नल मिल गया है. भारतीय रेलवे 12 मई से देश में दोबारा ट्रेन चलाएगा. शुरुआती दौर में सिर्फ 15 ट्रेनों को चलाया जाएगा, जो राजधानी दिल्ली से ही चलेंगी. 12 मई से दिल्ली से कुल 15 शहरों के लिए पैसेंजर ट्रेन चलाई जाएंगी, जिनके लिए 11 मई की शाम 4 बजे से ऑन बुकिंग शुरू हो जाएगी. दिल्ली से जाने वाले चिन्हित 15 ट्रेनें सिर्फ चिन्हित शहरों के लिए ही सेवा देगी, जिनके आने जाने के मिलाकर कुल फैरे होंगे. अभी भारतीय रेलवे के द्वारा नई दिल्ली से स्पेशल ट्रेन डिब्रूगढ़, अगरतला, हावड़ा, पटना, बिलासपुर, रांची, भुवनेश्वर, सिकंदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, तिरुवनंतपुरम, मड़गांव, मुबंई सेंट्रल, अहमदाबाद और जम्मूतवी के लिए चलेंगी. रेलवे की ओर से कोश...

12 मई से फिर शुरू होंगी स्पेशल पैसेंजर ट्रेनें, रेल मंत्रालय से मिला ग्रीन सिग्नल

नई दिल्ली. लॉकडाउन के बीच भारतीय रेल मंत्रालय से एक बड़ी खबर आई है. इस खबर के मुताबिक अब देश में पैसेंजर  ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा . 11 मई शाम 4:00 बजे से इनकी ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो जाएगी. लॉकडाउन के बीच भारतीय रेल 12 मई से इनकी बतौर स्पेशल ट्रेन शुरुआत करेगा.   ध्यान रखें: - यात्रियों के लिए चेहरा ढंकना अनिवार्य होगा - डिपार्चर के दौरान उन्हें स्क्रीनिंग (कोरोना) से भी गुजरना होगा. - इस दौरान सिर्फ बगैर लक्षण वाले मरीजों को ही ट्रेन में चढ़ने दिया जाएगा. -सिर्फ ऑनलाइन बुकिंग वाले ही टिकट कंफर्म होने पर ट्रेन में बैठ पाएंगे. - ट्रेन में सिर्फ AC कोच होंगे - इन ट्रेनों के लिए टिकट बुकिंग 11 मई को शाम चार बजे शुरू होगी और रिजर्वेशन सिर्फ IRCTC की वेबसाइट के जरिए ही कराया जा सकेगा. COVID-19 संकट और Lockdown के बीच भारतीय रेल ने धीरे-धीरे कर के यात्री ...

राजस्थान के एक IAS का कमाल, 10 दिन में ही कर दी 20 हजार क्वारंटाइन बेड्स की व्यवस्था

जयपुर (राकेश दाधीच). राजस्थान के जयपुर में कोरोना का लगातार खौफ बढ रहा था. रामगंज इलाके में कोरोना विस्फोट इतना जबरदस्त था कि चाहकर भी काबू करने के हर प्रयास लगातार नाकाम नजर आ रहे थे. उन लोगों की संख्या लगातार बढ रही थी जो या तो कोरोना संक्रमित हो चुके थे या उनके संक्रमित होने की संभावनाएं थी या फिर वो कोरोना संदिग्ध थे. संख्या में अचानक इतना इजाफा हो रहा था कि देश के टॉप हॉटस्पॉट में जयपुर का रामगंज शुमार हो चुका था. शहर की आबादी क्षेत्र में क्वारंटाइन सेंटर बनाना खतरे से खाली नहीं था तो कई जगह इसका विरोध भी हो रहा था. और तो और लाखों की तादात में कई प्रवासी जयपुर आने वाले थे उनके भी क्वारंटाइन की व्यवस्था करनी थी. प्रशासनिक अमले के हाथ पांव फूले हुए थे कि क्या करें, क्या ना करें. जहां क्वारंटाइन सेंटर बनाओ वहीं पब्लिक का विरोध और झेलो. ऐसे भयावह हालातों के बीच लॉकडाउन के चलते ऑ...

अफवाह पर बोले अमित शाह- मैं पूरी तरह से स्वस्थ, मुझे कोई बीमारी नहीं

नई दिल्ली. देश के गृह मंत्री अमित शाह ने उन सभी लोगों की जुबान पर ताला लगा दिया है जो लगातार उनकी तबीयत खराब होने की अफवाहें उडा रहे थे. कुछ लोगों तो अमित शाह के गले में बोन कैंसर होने जैसी अफवाहों के मैसेज चलाकर उनके अच्छे स्वास्थ्य की दुआएं भी कर रहे थे. इस बीच अमित शाह ने एक ट्वीट कर कहा कि वो पूरी तरह से स्वस्थ हैं उन्हें कोई बीमारी नहीं. साथ ही अमित शाह ने कहा कि 'कोरोना संकटकाल में देर रात तक काम करने के कारण इन सब अफवाहों पर उन्होंने ध्यान ही नहीं दिया था.पिछले कई दिनों से कुछ मित्रों ने सोशल मीडिया के माध्यम से मेरे स्वास्थ्य के बारे में कई मनगढ़ंत अफवाएं फैलाई हैं. यहां तक कि कई लोगों ने मेरी मृत्यु के लिए भी ट्वीट कर दुआ मांगी है. मेरे शुभचिंतकों और पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को मेरा हालचाल पूछने और मेरी चिंता करने के लिए आभार व्यक्त करता हूं. जिन लोगों ने ये अफवाएं फैला...

आखिर क्यों कोरोना संकटकाल में भी ट्रंप को याद आता है 'पर्ल हार्बर', क्यों हिल गई थी महाशक्ति, स्पेशल रिपोर्ट

न्यूयॉर्क (ऋचा मिश्रा, वर्ल्ड डेस्क). कोरोना संकटकाल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार कोरोना के कहर को पर्ल हार्बर हमले से भी घातक आघात बता रहे हैं. अपने कई संबोधनों में ट्रंप इसका जिक्र कर चुके हैं. पर सबके मन में सवाल है कि ऐसा क्या हुआ था पर्ल हार्बर में जिसका जिक्र आए दिन रह-रह कर ट्रंप कर रहे हैं. आखिर ऐसा क्या हुआ था कि जिसको दुनिया की महाशक्ति आज भी भुला नहीं पाई है. दरअसल बात वर्ष 1941 की है. इस वक्त से पहले तक जापान दुनिया के चीन और रूस जैसे बड़े देशों को युद्ध में हरा चुका था. इम्पीरियल आर्मी ऑफ जापान इस तरह से अति आत्मविश्वासी हो गई थी कि जापान बहुत छोटा देश था लेकिन इस आर्मी का साहस, अति आत्विश्वास सातवें आसमान पर था जिसने अमेरिका की भी चिंताएं बढा दी थी. चीन में जापान के खौफ के कारण हस्तक्षेप बहुत ज्यादा बढने लगा था, इतना की अमेरिका की चिंताएं काफी बढ गई और...

लॉकडाउन की जंग में मालगाड़ी की चपेट में आने से गई 14 प्रावसियों की जान

औरंगाबाद. महाराष्ट्र के औरंगाबाद में शुक्रवार की सुबह बेड फ्राइडे बन गई. औरंगाबाद में रेलवे ट्रैक पर सो रहे प्रवासी मजदूरों को मालगाड़ी ने रौंद दिया, जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई. यह वो लोग थे जो पैदल ही अपने घर पहुंचने के लिए निकले थे. ये सभी मजदूर शुक्रवार को औरंगाबाद रेलवे स्टेशन से छूटने वाली विशेष ट्रेन में सवार होने के लिए जालना से रात को रवाना हुए थे. ये लोग रेल की पटरियों पर चलते हुए औरंगाबाद पहुंचना चाह रहे थे लेकिन थकान के कारण ये लोग सुबह करीब चार बजे के आसपास आराम के लिए कुछ देर पटरी पर ही सो गए. इसी दौरान पीछे से आए एक इंजन ने इन सभी मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया जिससे 14 की लोगों की अकाल मौत हो गई. इस घटना में दो मजदूर गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं उनका उपचार औरंगाबाद के घाटी मेडिकल अस्पताल में किया जा रहा है. सभी मजदूर मध्य प्रदेश के उमरिया और शहडोल जिले से ताल्लुक र...