बीकानेर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का एक बयान फिर चर्चा का विषय बन गया है। सियासी गलियारों में अशोक गहलोत के इस बयान के बाद कयास लगाई जा रही है कि गहलोत कहीं नहीं जाने वाले, वो फिलहाल राजस्थान में ही और राजनीतिक पारी खेलेंगे।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि "मैं मारवाड़ का हूं, जोधपुर का हूं, महामंदिर का हूं। जहां मैं पैदा हुआ, उससे कैसे दूर हो सकता हूं, कहीं भी रहूं, मैं अंतिम सांस तक राजस्थान की सेवा करता रहूंगा। जो कहता हूं उसके कुछ मायने होते हैं।"
बता दें कि सीएम गहलोत शनिवार को बीकानेर के दौरे पर रहे और इस दौरान पत्रकारों से वार्ता में गहलोत ने यह बात कही। हालांकि गहलोत मानेसर वालों को सजा देने के सवाल को गहलोत टाल गए। पर सीएम गहलोत के इस बयान ने स्पष्ट कर दिया कि वो फिलहाल राजस्थान छोड़कर कहीं जाने वाले नहीं है। उनके इस बयान को मुख्यमं...
जयपुर 29 सितम्बर। जयपुर के पूर्व राजपरिवार की सदस्य एवं राजसमन्द सांसद दीया कुमारी ने कहा है कि जयपुर के महराजाओं का भारत के इतिहास में अमूल्य योगदान रहा है लेकिन इतिहास की कुछ घटनाओं को लेकर फैलाए गए भ्रम को सही तथ्यों के साथ रखा जाना चाहिए।
सांसद दीयाकुमारी ने सिटी पैलेस के प्रीतम निवास में वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्रसिंह शेखावत लिखित पुस्तक म्हारो जयपुर, न्यारो जयपुर के विमोचन के बाद उपस्थित लोगों के सामने अपने विचार व्यक्त किए। उनका कहना था कि लेखक ने एक लम्बे अरसे तक इस कॉलम के माध्यम से जयपुर के राजवंश, जयपुर की बसावट और यहां की घटनाओं को सुव्यवस्थित व तथ्यात्मक तरीके से लिखा। अब यह कार्य पुस्तक के रूप में सामने आया है।
उनका कहना था कि राजस्थान के इतिहास को लेकर कई स्थानों पर भ्रम की स्थिति है और इन्हें सही तथ्यों के साथ लिखा जाना चाहिए। उन्होंने पुस्तक का अंग्रेजी भाषा में अ...
नई दिल्ली। राजस्थान की राजनीति में सियासी बवाल के बीच क्लाइमेक्स अभी शेष है। सोनिया गांधी से अशोक गहलोत की मुलाकात के बाद केसी वेणुगोपाल के एक बयान से फिर गहलोत गुट की चिंताएं बढ गई हैं। सोनिया गांधी से मिलने के बाद मीडिया से बातचीत में वेणुगोपाल ने कहा कि दो दिनों में राजस्थान सीएम पर फैसला ले लिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि सोनिया गांधी इस पर फैसला लेंगी।
ऐसे में गहलोत गुट की चिंताएं बढना लाजमी हैं, क्योंकि एक तरफ गहलोत के हाथ से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद की बेहतरीन अपॉच्युनिटी मिस हो चुकी है वहीं वेणुगोपाल के इस बयान के बाद अब सीएम पद को लेकर भी संशय बढ गया है।
वेणुगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव को लेकर भी बयान देते हुए कहा कि कल शाम तक इंतजार कीजिए, अंतिम नामों की सूची आपके सामने होगी। उधर कांग्रेस को करीब से जानने वाले सूत्रों का मानना है कि आलाकमान गहलोत समर्थकों के ...
नई दिल्ली। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेंगे या नहीं लड़ेंगे इस पर पिक्चर अब क्लियर हो गई है। अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद में ऐलान कर दिया कि वह राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मैं मुख्यमंत्री बना रहूंगा या नहीं रहूंगा, इसका फैसला कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे।
बता दें कि दिल्ली में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ करीब डेढ़ घंटे मुलाक़ात की। मुलाकात के बाद अशोक गहलोत ने साफ कर दिया कि वे कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के साथ बैठकर हमने बात की है। मैंने हमेशा वफादार सिपाही के रूप में काम किया है। विधायक दल की बैठक के दिन हुई घटना ने सबको हिलाकर रख दिया। ऐसा लगा जैसे कि म...
जयपुर। राजस्थान में कुछ ही समय में अपनी बेहतरीन पत्रकारिता से विशेष पहचान बनाने वाले समाचार पत्र सच बेधड़क ने सफलता की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री निवास पर दैनिक हिंदी अखबार “सच बेधड़क” की मोबाइल ऐप का प्री - लॉन्चिंग की।
इस मौके पर CM के साथ सच बेधड़क के चेयरमैन विनायक शर्मा और संपादक मनोज माथुर भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी और सच बेधड़क की मुद्रक एवं प्रकाशक मिताली यादव और डिजिटल हेड रवि कुमार मीणा भी इस लॉन्चिंग कार्यक्रम का हिस्सा बने। यह मोबाइल ऐप 10 दिन में गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री गहलोत ने सच बेधड़क के इस ऐप को चलाकर देखा और चेयरमैन विनायक शर्मा ने इसके फीचर्स की पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री गहलोत ने सच बेधड़क अखबार एवं मोबाइल ऐप की सराहना की।
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जयपुर। राजस्थान में जारी सियासी बवाल के बीच में गहलोत और पायलट समर्थक एक दूसरे के नेताओं पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने में कहीं पीछे नहीं है। अब इस पिक्चर में राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री परसादी लाल मीणा भी शामिल हो गए हैं।
परसादी लाल मीणा ने साफ कहा है कि ‘राजस्थान में एक साल पहले चुनाव लड़ना मंजूर है , लेकिन बीजेपी और शाह की गोद मे बैठने वाले पायलट को सीएम के रूप में स्वीकार नहीं कर सकते।’
मंत्री मीना यहीं नहीं रुके, आगे उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति बीजेपी और अमित शाह के ऑफिस और घर में जाकर बैठा हो, जिसके पास हरियाणा पुलिस का पहरा रहा हो, हम उसको सीएम बर्दाश्त नहीं कर सकते। क्योंकि ऐसा हुआ तो नाराज जनता हमको छोड़ेगी नहीं और अगला चुनाव हम जीत नहीं सकते।
परसादी लाल मीणा ने कहा कि सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाया तो पंजाब जैसे हालात हो जाएंगे। ऐसे मुख्यमंत्री से अच्छा ...
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के अनुरूप ही राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। अब राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को 1 जुलाई 2022 से 38 प्रतिशत महंगाई भत्ता देय होगा। पूर्व में राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा था। गहलोत के इस निर्णय का लाभ लगभग 8 लाख कर्मचारियों एवं 4.40 लाख पेंशनर्स को मिलेगा।
बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ राज्य कर्मचारियों व पेंशनर्स के अतिरिक्त कार्य प्रभारित कर्मचारियों, पंचायत समिति तथा जिला परिषद के कर्मचारियों को भी देय होगा।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा घोषणा के साथ ही बढ़ी हुई राशि का अविलम्ब वितरण किया जाता है। इसी क्रम में कर्मचारियों को वेतन माह अक्टूबर 2022 देय नवम्बर 2022 से बढ़े हुए महंगाई भत्ते का नकद भुगतान किया जायेगा तथा दिनांक 01.07.2022 ...
जयपुर (तरुण जैन)। राजस्थान और देशभर से यहां पढने आने वाले स्टूडेंट्स के लिए देश का पहला कोचिंग हब तैयार हो रहा है। प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं तथा कोचिंग संस्थाओं को सुनियोजित तरीके से स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। राजस्थान आवासन मण्डल जयपुर द्वारा देश का पहला कोचिंग हब किया जा कर रहा है, जिसमें विद्यार्थियों के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
आवासन मण्डल के आयुक्त पवन अरोड़ा ने बताया कि मण्डल द्वारा जयपुर के प्रताप नगर में 65 हजार वर्ग मीटर भूमि पर सुनियोजित तरीके से देश का पहला कोचिंग हब विकसित किया जा रहा है। करीब 228 करोड़ रूपए की लागत से तैयार किए जा रहे इस कोचिंग हब में प्रथम चरण में 5 संस्थानिक ब्लॉक तथा 90 व्यावसायिक परिसर तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही चारदीवारी, आंतरिक सड़क आदि विकास कार्य कर...
नई दिल्ली। कांग्रेस आलाकमान के बाद राजस्थान में जारी सियासी बगावत के बीच एक ही सबसे बेहतर विकल्प बच रहा है कि यथा स्थिति बरकरार रखी जाए। क्योंकि जिस तरह का सियासी एपिसोड राजस्थान कांग्रेस की राजनीति में हाल ही प्ले हुआ उसके बाद कांग्रेस हाईकमान को यदि किसी भी तरह के विवाद से फिलहाल बचना है तो राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री के तौर पर बनाए रखना ही मुनासिब लग रहा है। क्योंकि अभी भी पायलट गुट गहलोत गुट से ज्यादा भारी नहीं लग रहा है।
दूसरा इस पूरे प्रकरण के बाद सीएम अशोक गहलोत की गांधी परिवार के प्रति आस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ऐसे में गहलोत को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाता है तो इसका गलत मैसेज भी जाएगा। कांग्रेस के नेताओं को लगेगा कि गांधी परिवार के खिलाफ जिसने मोर्चा खोला उन्हें इस तरह से पूरे देश में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंप दी गई।
यदि ग...
जयपुर। राजस्थान कांग्रेस में चल रहे सियासी घमासान के बीच अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने सख्त रूख अख्तियार करते हुए तीन नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे की रिपोर्ट पर जारी किया गया है।
हालांकि सीएम गहलोत को इस मामले में अभी हाईकमान ने कोई नोटिस नहीं दिया है, ऐसे में माना जा रहा है कि गहलोत को क्लिन चीट मिल गई है। पर उनके तीन सबसे करीबी नेता संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल, सचेतक महेश जोशी और आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह राठौड़ को कांग्रेस अनुशासन समिति ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।हालांकि महेश जोशी ने कहा कि उन्हें ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला।
बताया जा रहा है कि विधायक दल की बैठक के समानांतर बैठक आयोजित करने का मास्टर प्लान इन्हीं तीन नेताओं ने तैयार किया था। तीनों नेताओं को अनुशासनहीनता का दोषी मानकर 10 दिन में जवाब मांगा गया है। बता दे...