जयपुर। राजस्थान में मंत्रिमंडल पुनर्गठन की कवायद तेज हो गई है। इस दिशा में सबसे बड़ी खबर यह है कि मंत्रिमंडल गठन के लिहाज से शनिवार शाम 5:00 बजे मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई गई है। बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल पुनर्गठन के तहत मंत्रिपरिषद की बैठक में सभी से इस्तीफे लिए जाएंगे। सीएम आवास पर यह अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में सामूहिक इस्तीफे लेने के बाद में माना जा रहा है कि रविवार को गहलोत मंत्रिमंडल का पुनर्गठन होगा। मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद CM राज्यपाल से मिलने जा सकते हैं। इसके अलावा अब गहलोत कैबिनेट में कौन सा मंत्री किस विभाग को देखेगा और कौन-कौन इसमें शामिल होंगे यह लिस्ट फाइनल हो चुकी है।...
अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग ने राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारम्भिक) परीक्षा- 2021 का रिजल्ट जारी कर दिया है। परीक्षा के 24 दिन बाद शुक्रवार शाम परिणाम जारी किया गया। अभ्यर्थी रिजल्ट आयोग की वेबसाइट पर देख सकते हैं। RPSC की ओर से विभिन्न वर्गों के कट ऑफ मार्क्स भी जारी किए गए हैं।
आयोग द्वारा आरएएस प्री- 2021 परीक्षा का आयोजन 27 अक्टूबर को राज्य के समस्त जिला मुख्यालयों व उपखंड स्तर पर किया गया था। जिसमें 49.37 प्रतिशत उपस्थिति रही। इस परीक्षा में छह लाख से ज्यादा ने आवेदन किए, लेकिन परीक्षा में 3 लाख 20 हजार 34 परीक्षार्थी शामिल हुए।
अभ्यर्थी अपने नतीजे राजस्थान लोक सेवा आयोग की वेबसाइट https://rpsc.rajasthan.gov.in/ पर जाकर चेक कर सकते हैं। इस बार कटऑफ ज्यादा रही है। ...
जयपुर। राजस्थान की सियासत में जिस उठापटक का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था आखिरकार उसकी शुरुआत हो चुकी हैं। राजस्थान मंत्रिमंडल में फेरबदल का दौर शुरू हो चुका है। गहलोत मंत्रिमंडल के चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, राजस्व मंत्री हरीश चौधरी और शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने मंत्री पद से अपना इस्तीफा कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेज दिया है। इन तीनो मंत्रियो ने सोनिया गाँधी को लिखे पत्र में इस्तीफे की पेशकश की है।
राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अजय माकन ने जयपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बात कही। मकान ने बताया कि तीनों व्यक्ति महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहा है ऐसे में अब एक व्यक्ति एक साथ दो पदों पर नहीं रह सकता है।
रघु और हरीश क्रमश: गुजरात व पंजाब के प्रभारी है। जबकि डोटासरा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष है। एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत को फॉलो करते ...
नई दिल्ली (सुभद्र पापड़ीवाल). कृषि कानूनों का भविष्य तो कैप्टेन की दिल्ली दरबार में हाजिरी वाले दिन ही तय हो गया था. कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा के साथ ही पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से जारी प्रतिक्रिया ने यह साबित भी कर दिया. जहां उन्होंने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया.
अमरिंदर सिंह ने उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार खेती के विकास के लिए काम करना जारी रखेगी. अमरिंदर सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा कि ''नरेंद्र मोदी जी किसानों की मांग स्वीकारने और तीन कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए शुक्रिया. गुरु नानक जंयती के मौके पर यह अच्छा फैसला लिया गया है. मुझे पूरी उम्मीद है कि केंद्र सरकार किसानों के लिए विकास करने का काम जारी रखेगी.''
एक सक्रिय सीमा वाले राज्य जहां की परिस्थितियां अत्यंत संवेदनशील हैं, वहां प्रत्यक्ष- परोक्षरूप में सरकार बनाना भाजप...
जयपुर. शुक्रवार को देश के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने यह बड़ा ऐलान करते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा कर दी. इसी के साथ देश में एक बार फिर किसान आंदोलन पर सियासी बयानों की बहार आ गई है.
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तीनों कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहाा कि तीनों काले कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा लोकतंत्र की जीत एवं मोदी सरकार के अहंकार की हार है। यह पिछले एक साल से आंदोलनरत किसानों के धैर्य की जीत है। देश कभी नहीं भूल सकता कि मोदी सरकार की अदूरदर्शिता एवं अभिमान के कारण सैकड़ों किसानों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। मैं किसान आंदोलन में शहादत देने वाले सभी किसानों को नमन करता हूं। यह उनके बलिदान की जीत है।
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राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानून बिल वापस लेने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि संसद के सत्र में इन कानूनों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू होगी।
शुक्रवार को देश के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने यह बड़ा ऐलान किया। अपने 18 मिनट के संबोधन में मोदी ने कहा कि सरकार तीनों कृषि कानूनों को नेक नीयत के साथ लाई थी, लेकिन यह बात हम किसानों को समझा नहीं पाए।
PM मोदी ने कहा कि "हम पूरी विनम्रता से किसानों को समझाते रहे और बातचीत भी होती रही। कानून के जिन प्रावधानों पर उन्हें एतराज था उन्हें सरकार बदलने को तैयार हो गई। साथियों मैं आज गुरु नानक देवजी का पवित्र पर्व है यह समय किसी को दोष देने का नही है। मैं आज यह पूरे देश को यह बताने आया हूं कि हमने तीनों कृषि कानून वापस लेने का फैसला लेने का फैसला करता हूं। इसी महीने हम इसे वापस लेने की प्रक्रिया पूर...
जयपुर। लंबे समय तक थमे रहने के बाद कोरोना से होने वाली मौतों का सिलसिला एक बार फिर शुरू हो चुका है। राजस्थान में तीन महीने बाद कोरोना की वजह से एक बच्चे की मौत हो गई है। यह मौत जयपुर में एक ढाई साल के बच्चे की है, जो चौंमू क्षेत्र का है। बच्चे के माता-पिता मजदूरी करते हैं और पिछले दिनों उसकी तबियत खराब हाेने के बाद जब कोविड टेस्ट किया गया तो वह पॉजिटिव निकला था।
आरयूएचएस में करीब चार दिन उपचार के बाद उसकी मौत हो गई। उधर प्रशासन में यह सूचना फैलते ही हड़कंप मच गया है। अब उस बच्चे के माता-पिता की जांच के लिए टीम भेजी गई है और उनसे कॉन्टेक्ट में आए लोगों की भी सैंपलिंग की जा रही है। बता दें कि गुरुवार को राजस्थान में 18 नए केस मिले। जिसके बाद प्रदेश में कुल एक्टिव मरीजों की संख्या भी 95 हो गई है, जो दीपावली से पहले ये 50 से भी कम थी।
इंडिया हेल्थ: तीसरी लहर की आशंका! डरने के बजाए बच्चों...
नई दिल्ली. 52वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में हेमा मालिनी और प्रसून जोशी को सम्मानित किया जाएगा. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने घोषणा की है कि 2021 का इंडियन फिल्म पर्सनेलिटी ऑफ द ईयर अवॉर्ड हेमा मालिनी और प्रसून जोशी को दिया जाएगा.
इन पुरस्कारों की घोषणा करते हुए ठाकुर ने कहा, "अभिनेत्री और उत्तर प्रदेश के मथुरा से सांसद हेमा मालिनी और गीतकार व सीबीएफसी के अध्यक्ष प्रसून जोशी का नाम 2021 के इंडियन फिल्म पर्सनैलिटी ऑफ द ईयर अवॉर्ड के लिए घोषित करते हुए मुझे बेहद खुशी हो रही है. भारतीय सिनेमा में इनका योगदान कई दशकों पुराना है और इनके काम ने विभिन्न पीढ़ी के दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया है. ये दोनों हस्तियां भारतीय सिनेमा के ऐसे आइकन हैं जिनको पूरी दुनिया में सराहा और पसंद किया जाता है. उन्हें ये सम्मान 52वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव...
नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना संकट के बाद एक और बडा संकट देखने को मिल रहा है. जहां प्रदूषण घातक स्तर पर पहुंच चुका है, जो स्वास्थ्य के लिए जानलेवा हो सकता है. ऐसे में जहां सरकारी विभागों में 100 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम (WFH) लागू किया गया है वहीं स्कूल-कॉलेज अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं.
इसके अलावा 21 नवंबर तक निर्माण कार्य पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. ज़रूरी सेवाओं के अलावा अन्य ट्रकों की एंट्री बैन की गई है. परिवहन के लिए दिल्ली में 1000 CNG प्राइवेट बसों को किया गया है. दिल्ली में 372 वॉटर टैंकर से लगातार छिड़काव किया जा रहा है.
फायर ब्रिगेड की मदद से 13 हॉट स्पॉट पर पानी का छिड़काव करने के आदेश दिए गए हैं. दिल्ली में गैस के अलावा अन्य इंडस्ट्री को बैन किया गया है.
प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी गाड़ियों की लिस्ट द...
जयपुर. मंगलवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM ASHOK GEHLOT) ने मौजूद शिक्षकों से पूछ लिया कि ट्रांसफर के लिए पैसे देने पड़ते हैं क्या? कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों ने एकमत होकर जोर से हामी भी भर दी. बस फिर क्या था काटो तो खून नहीं. शिक्षा मंत्री के तोते उड़ गए, खुद मुख्यमंत्री को यह बात सरकार के लिए किसी बड़े अपमान से कम नहीं लगी. उन्हें भी उम्मीद नहीं थी जिस प्रदेश को वो भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए एसीबी को फ्री हैण्ड जिम्मेदारी सौंपे हुए है वहां उन्हीं के सामने उन्हीं के शिक्षामंत्री डोटासरा (Govind Singh Dotasra) की मौजूदगी में शिक्षक इस तरह की प्रतिक्रिया देंगे. इस कुछ ही सैकण्ड के घटनाक्रम ने मानो राजस्थान की राजनीति में भूचाल ला दिया हो. इस घटनाक्रम से जुड़ा सीएम का यह वीडिया लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है...