Politics

राजस्थान में तबादलों से हटी रोक

जयपुर. राजस्थान में उन लोगों के लिए एक अच्छी खबर है जो लंबे समय से अपने तबादले का इंतजार कर रहे थे, लेकिन तबादलों पर बेन लगे होने के कारण वह परेशानी में थे. राजस्थान सरकार ने तबादलों पर लगा हुआ बेन तुरंत हटा दिया है.  यह रोक 31 अक्टूबर तक हटाई गई है. बता दें पिछले साल 30 सितम्बर को तबादलों पर रोक लगाई गई थी. सभी विभागों के ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन होंगे, ARD विभाग ने आदेश जारी किए....

राजस्थान कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं, कांग्रेस के ही इस विधायक ने सरकार के मंत्री को बताया भ्रष्टतम, CM से कहा 'हटाओ इसे'

जयपुर. 'समाचार पत्रों में पढ़ा है कि आपने प्रभारी मंत्रियों के जिलों में फेरबदल किया है. इसका कितना लाभ होगा उसको परखने में समय लगेगा. आवश्यकता तो यह है कि आप के मंत्रिमंडल में सबसे भ्रष्ट मंत्री को जनता में संदेश देने के लिए कृपया बर्खास्त करें. एक बार पहले मुख्यमंत्री रहते आप उनको हटा चुके हैं. यह मंत्री भ्रष्टाचार के माफिया हैं. इनका नाम लिखना आवश्यक नहीं समझता हूं. गंदगी की बदबू नजदीक के लोगों को ज्यादा दुर्गंध देती है.' यह वह शब्द हैं जो कि राजस्थान के पूर्व मंत्री और मौजूदा सांगोद विधायक भरत सिंह ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लिखी चिट्ठी में कहे हैं. अपनी स्पष्टता के कारण जाने जाने वाले भरत सिंह ने इस लेटर के जरिए खान विभाग के मंत्री प्रमोद जैन भाया पर इशारों ही इशारों में निशाना साधा है. और उनको तुरंत मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की है. उनका कहना है कि वह सब...

चीनी जासूसी का भंडाफोड़. मोदी, सोनिया, मनमोहन, गहलोत, योगी, अम्बानी, अडानी सहित 350 सांसदों की जुटाई जानकारी

नई दिल्ली. चीन बेहद खतरनाक खेल खेल रहा है. ना केवल LAC पर बल्कि भारत के भीतर भी चीन जासूसी के झंडे गाड़ने के काम कर रहा था. इंडियन एक्सप्रेस ने यह खुलासा किया है. जिसके बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया है. इतना ही नहीं चीन भारत सहित अन्य देशों के बड़े नेताओं की भी जासूसी करा रहा है. भारत की बात करें तो चीन मोदी, सोनिया, मनमोहन, 24 मुख्यमंत्री, 350 संसद सहित 1350 लोगों की जानकारी जुटाकर उनकी जासूसी में जुटा था. चीनी कंपनी शेनझेन इंफोटेक और झेन्हुआ इंफोटेक इस जासूसी के काम को अंजाम दे रहे हैं. शेनझेन इंफोटेक कंपनी ये जासूसी चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार के लिए कर रही है. इस कंपनी का काम दूसरे देशों पर नजर रखना है और जरूरी तथ्य जुटाना है. चीन की यह जासूसी कंपनियां भारत के करीब 24 मुख्यमंत्रियों की जासूसी कर रही है. जिनमे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममत...

रामभरोसे कोरोना टेस्टिंग! राजस्थान की इस नेता की बिना सैंपल दिए ही रिपोर्ट आ गई पॉजिटिव

जयपुर. क्या कोरोना टेस्टिंग का काम इस देश में राम भरोसे ही चल रहा है? एक तरफ जहां हाल में कोरोना संक्रमण से ठीक हुए राजस्थान के सांसद हनुमान बेनीवाल की कोरोना रिपोर्ट फिर पॉजिटिव आई, और कुछ ही घंटों बाद नेगेटिव बता दी गई उसके बाद एक और ताजा उदाहरण सामने आया है. मामला राजस्थान की बीजेपी नेता और पूर्व राज्य महिला आयोग अध्यक्ष रहीं सुमन शर्मा से जुड़ा है. जहां इस महिला नेता ने अपना जांच सैम्पल ही नहीं दिया और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनको कोरोना पॉजिटिव बता दिया. इतना ही नेता के घर में हड़कंप तक मच गया जब स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके घर के बाहर कोविड पॉजिटिव का स्टीकर भी लगाने पहुंच गई. सुमन शर्मा ने बड़ी मुश्किल से टीम को समझाकर रवाना किया और इसके बाद सोशन मीडिया पर अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग पर निशाना भी साधा. BIG NEWS: कोरोना से ठीक होकर घर लोटे सांसद की फि...

कोरोना से ठीक होकर घर लोटे सांसद की फिर आई रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव, तुरंत बाद दूसरी जगह कराई जांच तो आई नेगेटिव! कारनामा कोरोना का या फिर जांच रिपोर्ट का?

जयपुर/नई दिल्ली. इस देश में कोरोना कारनामा कर रहा है, या जांच रिपोर्ट कमाल कर रही है यह समझ से परे है. कई ऐसे बड़े उदाहरण सामने आए हैं जिसके बाद मानो आम आदमी का तो कोरोना जांच रिपोर्ट से भरोसा ही उठने लगा है. ताजा मामला किसी आम आदमी का नहीं बल्कि खास आदमी का है. दरअसल राजस्थान के नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने 11 सितम्बर को दिल्ली के लोकसभा परिसर में कोरोना जांच कराई थी जिसकी 13 सितंबर को जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई जबकि हाल में लम्बे इलाज के बार बेनीवाल जयपुर में कोरोना संक्रमण से ठीक होकर घर पहुंचे थे. जब जांच रिपोर्ट आई तो सांसद जयपुर में ही थे तो लगे हाथ तुरंत उन्होने जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भी कोरोना संक्रमण की जांच कराई. जांच कराई तो हनुमान बेनिवाल की यह रिपोर्ट नेगेटिव निकली. यानी एक दिन पहले ही जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई और उसके ठीक बाद जांच कराई तो नेगेटिव आई. अब इस धर्म संकट...

इस हफ़्ते कोरोना केस 50 लाख के पार हो जाएंगे, अपनी जान खुद बचाइए, PM मोर के साथ व्यस्त हैं!

नई दिल्ली. 'कोरोना संक्रमण के आंकड़े इस हफ़्ते 50 लाख और ऐक्टिव केस 10 लाख पार हो जाएंगे. अनियोजित लॉकडाउन एक व्यक्ति के अहंकार की देन है जिससे कोरोना देशभर में फैल गया. मोदी सरकार ने कहा आत्मनिर्भर बनिए यानि अपनी जान ख़ुद ही बचा लीजिए क्योंकि PM मोर के साथ व्यस्त हैं.' यह ट्वीट सोमवार को राहुल गांधी ने पीएम नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए किया. भारत में संसद के मानसून सत्र से पहले सियासी वार तेज होते दिखाई दे रहे हैं. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भले ही विदेश में मां सोनिया गांधी के साथ इलाज के लिए मौजूद हों लेकिन प्रधानमंत्री पर कोरोना संकट के मामले में तीखे वार करने में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं. ऐसे में मानसून सत्र शुरू होने से पहले राहुल गांधी ने ट्विटर के जरिए पीएम मोदी पर हमला कर साफ कर दिया कि सत्र के दौरान वह आक्रामक रुख अख्तियार करने वाले हैं. उन्होंने ट्विटर के माध्यम...

राजस्थान में 22 मंत्री, राज्य मंत्री, मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतकों को बनाया जिला प्रभारी. जानें किसको किस जिले का प्रभार?

जयपुर. राजस्थान सरकार ने मंत्री, राज्य मंत्री, सरकारी मुख्य सचेतक, सरकारी उप मुख्य सचेतकों को जिलों के प्रभारी के रुप में नए सिरे से जिम्मेदारी सौंप दी है. करीब डेढ साल बाद यह बदलाव किया गया है. शांति धारीवाल के पास पहले की ही तरह जयपुर जिले का प्रभार रहेगा. लेकिन मंत्री पद से हटाए जाने के बाद रमेश मीणा और विश्वेन्द्र सिंह के जिलों की जिम्मेदारी नए लोगों को सौंपी गई है. कुछ के जिलों के प्रभार में बदलाव किया गया है तो कुछ नए लोगों को भी प्रभारी बनाकर नया मौका दिया गया है. कुछ 22 लोगों को प्रभारी के रुप में जिम्मेदारी सौंपी गई है. किसको कोनसा जिला मिला? - लिस्ट में सबसे पहला नाम बीडी कल्ला का है उन्हें श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ का प्रभारी बनाया गया है. - मंत्री शांति धारीवाल को राजधानी जयपुर का प्रभारी बनाया गया है. पहले भी जयपुर के प्रभारी थे. - मंत्री परसादी लाल मीणा को दो...

चिट्ठी विवाद के बाद कांग्रेस में बड़ी उठापटक, गुलाम नबी आजाद हुए महासचिव पद से आउट, तो कुछ की एंट्री, और भी हुआ बहुत कुछ

नई दिल्ली. अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने कई बड़े बदलाव किया गए हैं सबसे बड़ी बात यह है कि चिट्ठी विवाद के बाद विवादों में आए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद को महासचिव पद से विदा कर दिया गया है. इतना ही नहीं महासचिव पद से मोतीलाल वोरा और अंबिका सोनी जैसे नेताओं को भी हटा दिया गया है. गुलाम नबी आजाद हरियाणा राज्य के प्रभारी थे. इस फेरबदल में सबसे बड़े फायदे में राहुल गांधी के करीबी रणदीप सिंह सुरजेवाला रहे. सुरजेवाला अब कांग्रेस अध्यक्ष को सलाह देने वाली उच्च स्तरीय छह सदस्यीय विशेष समिति का हिस्सा बने हैं. इसके साथ ही सुरजेवाला को कांग्रेस का राष्ट्रीय महासचिव भी बनाने के साथ कर्नाटक का प्रभारी भी बनाया गया है. महासचिवों में मुकुल वासनिक को मध्य प्रदेश, हरीश रावत को पंजाब, ओमान चांडी को आंध्र प्रदेश, तारीक अनवर को केरल और लक्षद्वीप, जितेंद्र सिंह को असम, अजय माकन को राजस्थान, ...

कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच राजस्थान CM की 1 माह तक सभी मुलाकातें और प्रत्यक्ष बैठकें रद्द

जयपुर. राजस्थान में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बड़ा फैसला लिया है. इसके तहत अब मुख्यमंत्री की आगामी 1 महीने तक की सभी मुलाकात और प्रत्यक्ष बैठकें स्थगित कर दी गई हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि खुद मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री निवास पर भी कोरोना संक्रमण के केस पाए जाने के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है. इसके अलावा जयपुर में भी अनियंत्रित तरीके से लगातार कोरोना संक्रमण के केस सामने आ रहे हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोविड-19 महामारी के संकट के इस दौर में प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसके लिए राज्य सरकार चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के साथ ही हरसंभव प्रयास कर रही है, लेकिन इस महामारी के संक्रमण को सबकी भागीदारी से ही रोका जा सकता है. प्रदेशवासियों से अपील है कि सभी लोग मास्क लगाएं, सोशल डिस्टेंसिंग र...

कोरोना सामुदायिक प्रसार की ओर, राजस्थान सरकार ने तुरंत नहीं किए यह 10 काम तो समझो सारी मेहनत पर फिरा पानी

जयपुर. राजस्थान में कोरोना संक्रमण अब किस कदर बढ रहा है यह किसी से छुपा हुआ नहीं है. लोगों में एक भय का माहौल है तो कई बडे राजनेता, चिकित्सक, प्रशासनिक-पुलिस अधिकारी, पत्रकार भी इसकी चपेट में हैं. कई लोग रोजाना अपनी जान गवा रहे हैं और अस्पतालों में बेड फुल हैं. अस्पताल कोरोना मरीजों से अटे पडे हैं. सरकारी हों या निजी अस्पताल सब अपनी ताकत झौंक कर भी अब इस संकट का सामना करने में कहीं ना कहीं पस्त नजर आ रहे हैं. सबसे पहली जरुरत जहां आमजन को मानसिक तौर पर मजबूत रहने की है, धैय रखने की है, सावधानी रखने की है और सरकारी गाइडलाइन्स की सख्ती से पालना करने की है वहीं सरकार को भी तुरंत कुछ सख्त और प्रभावी कदम उठाने होंगे. बडी बात यह है कि देश के जो ग्रामीण इलाके अब तक इससे बचे हुए थे वो भी चपेट में आ गए हैं. भले ही इस बात को अधिकारिक तौर पर नहीं कहा जा रहा हो कि सामुदायिक स्तर पर यह संक्रमण...