Politics

इतनी महंगाई बढ गई कि आम आदमी का अपना घर चलाना मुश्किल, यह PM की गलत नीति और नीयत का नतीजा: CM गहलोत

जयपुर। महंगाई के मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केन्द्र सरकार पर हमला बोला है. गहलोत ने बढ़ती महंगाई के लिए केन्द्र सरकार की गलत नीतियों और नीयत को जिम्मेदार बताया है। गहलोत ने एक बयान जारी कर कहा कि केन्द्र सरकार ने पिछले सात साल में महंगाई को कम करने के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया जिसके कारण आज इतनी महंगाई हो गई है कि आम आदमी को अपना घर चलाना मुश्किल हो गया है। कोविड के कारण पहले ही सभी की आमदनी कम हुई है एवं बढ़ती महंगाई ने आम आदमी के जेब खर्च का हिसाब बिगाड़ दिया है। यह दिखाता है कि केन्द्र सरकार बुरी तरह असफल हो गई है जिसके पास ना तो सही नीति है और ना ही साफ नीयत है। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस से लेकर रोजमर्रा के इस्तेमाल की सभी चीजें महंगी होती जा रही हैं। गहलोत ने केन्द्र सरकार द्वारा जारी किए गए महंगाई के आंकड़ों पर बात करते हुए कहा कि अप्रैल में खुदरा महंगा...

उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री बने पुष्कर सिंह धामी, सतपाल महाराज, हरक सिंह रावत, यशपाल आर्य जैसे दिग्गज खफा!

उत्तराखंड। राज्य के नए मुख्यमंत्री बीजेपी विधायक पुष्कर सिंह धामी होंगे। सूत्रों के मुताबिक धामी शनिवार को शपथ नहीं लेना चाहते थे इसलिए शपथ ग्रहण कार्यक्रम कल तक के लिए टाल दिया गया ह. इससे पहले बीजेपी विधायक दल की बैठक में पुष्कर सिंह धामी के नाम पर मुहर लगाई गई. फिर वह राज्यपाल बेबी रानी मौर्य से मिलने राजभवन पहुंचे और उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया. उधर जानकारी के मुताबिक पुष्कर सिंह के मुख्यमंत्री बनाए से नाराज होकर सतपाल महाराज, हरक सिंह रावत और यशपाल आर्य विधायक दल की बैठक खत्म होते ही निकल गए. तीरथ सिंह रावत के अचानक इस्तीफे के बाद उत्तराखंड में जारी सियासी हलचल के बीच धामी को आज शनिवार को नया सीएम बनाने पर सहमति बन गई. पुष्कर सिंह प्रदेश के 11वें मुख्यमंत्री होंगे और रविवार को शपथ ग्रहण करेंगे....

115 दिन के कार्यकाल के बाद ही उत्तराखंड के CM तीरथ सिंह रावत ने दिया इस्तीफा

देहरादून. एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तहत उत्तराखंड (Uttarakhand) के सीएम तीरथ सिंह रावत (Tirath Singh Rawat) ने शुक्रवार रात गवर्नर बेबी रानी मौर्य (Baby Rani Maurya) को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. जिसके बाद उत्तराखंड में नया मुख्यमंत्री चुना जाना तय हो गया है. बीजेपी ने भी राज्य विधान मंडल दल की शनिवार को बैठक बुलाई है, जिसमें सीएम के नए चेहरे का ऐलान किया जा सकता है. सीएम की कुर्सी संभालने के बाद अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे तीरथ सिंह रावत और उनकी सरकार की हरिद्वार कुंभ को लेकर भी किरकिरी हुई थी. अभी महज चार महीने ही तो हुए थे जब पौड़ी गढ़वाल सीट से सांसद तीरथ सिंह रावत को बीजेपी ने सूबे का सीएम बनाया था. 10 मार्च को सूबे की कमान संभालने वाले तीरथ सिंह रावत को चार महीने भी नहीं हुए कि उन्हें सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ गया. सूत्रों की मानें तो रावत ने नड्डा को भेजे अपने पत्र म...

राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया और कार्य संचालन के लिए 4 वित्तीय और 15 अन्य समितियों का गठन

जयपुर. राजस्थान विधानसभा में समितियों का गठन कर दिया गया है. राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी. पी. जोशी ने राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया और कार्य संचालन संबंधी नियमों के अंतर्गत वर्ष 2021-22 के लिये विधानसभा की 4 वित्तीय एवं 15 अन्य समितियों का गठन किया है.  जनलेखा समिति  श्री गुलाब चन्द कटारिया (43)   श्री परसराम मोरदिया (84)   श्री विनोद कुमार (162)           श्रीमती जाहिदा खान (59)   श्री मुरारी लाल (126)           श्री कालीचरण सराफ (25)   श्री वासुदेव देवनानी (159)           श्री मदन दिलावर (114)           श्री निर्मल कुमावत (80)   श्री संयम लोढा (176)           श्री महादेव सिंह (118)        ...

घूसकांड में फंसे RSS के निम्बाराम को एसीबी तुरंत गिरफ्तार करे: कांग्रेस, हमारी सरकार बनी तो ऐसा करने वाले अफसरों के सामने आएंगी मुश्किलें: बीजेपी

जयपुर. ग्रेटर नगर निगम से जुड़ी सफाई कंपनी BVG के 276 करोड़ रूपए का अटका हुआ भुगतान कराने की एवज में 20 करोड़ की रिश्वत मांगने के मामले में वायलर वीडियो ने राजस्थान की सियासत में भूचाल ला दिया है. आरएसएस के खिलाफ अक्सर मुद्दा ढूंढने के लिए बेताब रहने वाली कांग्रेस को मानो आरएसएस के खिलाफ अलादीन का चिराग मिल गया हो. और अब कांग्रेस इस मौके को हाथ से यूं ही नहीं जाने देना चाहती है.  कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बीवीजी घूसकांड प्रकरण में नामजद आरोपी आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम की अविलम्ब गिरफ्तारी की मांग उठाई है, वहीं कहा है कि अपने आपको ईमानदार और अनुशासित कहे जाने वाले  आरएसएस व भाजपा दोनों का असली चेहरा सामने आ गया है.  BIG NEWS: राजस्थान में RSS के क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम के खिलाफ़ भ्रष्टाचार के मामले में एसीबी ने किया केस दर्ज ...

बीजेपी कार्यकर्ताओं से झड़प के बाद टिकैत बोले, 'हां, मैं धमकी दे रहा हूं. जो कब्जा करने की कोशिश करेगा उनके बक्कल उतार देंगे'

दिल्ली. आंदोलनकारी किसानों और बीजेपी कार्यकताओं के बीच बुधवार को गाजीपुर बॉर्डर पर झड़प हो गई. झड़प के बाद किसान नेता राकेश टिकैत आगबबूला होकर बीजेपी वालों पर जमकर बरसे और यहां तक कह डाला कि 'सड़क पर मंच होने का मतलब ये नहीं है कि कोई भी मंच पर आ जाएगा. अगर आना ही है तो बीजेपी छोड़कर आ जाएं, जो कब्जा करने की कोशिश करेगा उनके बक्कल उतार दिए जाएंगे.' उधर टिकैत यहीं नहीं रुके और ​बोले 'हां, मैं धमकी दे रहा हूं. मंच पर कब्जा करने नहीं दिया जाएगा, पूरे प्रदेश में उन्हें कहीं आने नहीं दिया जाएगा. ये सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ है, उनकी (बीजेपी कार्यकर्ता) कोशिश थी कि वो मंच पर झंडा लगाएं और अपने नेता का स्वागत करें. पर ये कैसे हो सकता है. ये मंच संयुक्त मोर्चे का है, अगर मंच पर जाना है तो इसमें शामिल हो जाओ. अब जो भी कार्यकर्ता मंच की तरफ आएगा उस पर एक्शन लिया जाएगा. यहां पर ...

जयपुर ग्रेटर नगर निगम महापौर रही सौम्या गुर्जर के पति राजाराम गुर्जर को एसीबी ने किया गिरफ्तार, BVG कंपनी के भुगतान से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में वीडियो हुआ था वायरल

जयपुर. ग्रेटर नगर निगम की महापौर रही सौम्या गुर्जर के पति राजाराम गुर्जर को बीवीजी कंपनी से डील के मामले में एक केस दर्ज कर एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही अब मामले से जुड़े राजनीतिक व अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है. बीवीजी कंपनी के प्रतिनिधि ओंकार सप्रे को भी मामले में एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया है. वायरल ​वीडियो और ऑडियो में जिन अन्य लोगों के नाम हैं एसीबी उनसे भी पूछताछ करने की तैयारी पूरी कर चुकी है. एसीबी डीजी बीएल सोनी के निर्देशन में इस पूरे मामले पर कार्रवाई की जा रही है. एसीबी यह भी चाहती है कि इस मामले में किसी भी तरह से कोई निर्दोष ना फंसे इसके लिए इस प्रकरण से जुड़े हर व्यक्ति को व्यक्तिगत तौर पर सुना भी जा रहा है. जिस BVG सफाई कंपनी के भुगतान को लेकर डॉ. सौम्या गुर्जर (Somya Gurjar) और पार्षदों ने विरोध किया उसी BVG कंपनी से डील के ...

गहलोत पायलट के पचड़े में नहीं पड़ना चाहते कमलनाथ! क्या मन में है डर? कहीं ना बन जाएं दूसरे 'अविनाश पाण्डे'

जयपुर. राजस्थान कांग्रेस में चल रहे सियासी विवाद के बीच अब कमलनाथ भी गहलोत और पायलट के पचड़े में नहीं पड़ना चाहते. सूत्रों के मुताबिक कमलनाथ ने आलाकमान से कहा है कि वो घोषित मध्यस्थ नहीं बनना चाहते, पर हां वो आलाकमान के निर्देश पर अघोषित तौर पर दोनों से आवश्यक बातचीत कर सुलह का प्रयास जरूर करेंगे.  एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से जुड़े जानकारों का कहना है कि वो इस पचड़े में पड़कर खुद किसी तरह के विवादों का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं. क्योंकि इससे पहले यह जिम्मेदारी पूर्व में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पाण्डे को भी दी गई थी लेकिन विवाद तो सुलझा नहीं उनकी प्रदेश से विदाई जरूर हो गई. इसके बाद अजय माकन को जिम्मेदारी मिली तो अब माकन भी इसमें पस्त हो गए हैं.  चूंकि गहलोत और पायलट दोनों ही वरिष्ठ नेता हैं और दोनों के मामले में कुछ भी ऐसा हुआ ​की किसी एक खेमे स...

जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर हुई पीएम मोदी की बैठक, महबूबा मुफ्ती ने फिर पाक से बातचीत की मांग दोहराई, बाकी नेताओं ने कही यह बात

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिसमें विभिन्न 8 राजनीतिक दलों के 14 नेता शामिल हुए. इस बीच जम्मू-कश्मीर और एलओसी पर 48 घंटे का अलर्ट जारी किया गया. बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए वो वचनबद्ध हैं. दिल्ली की दूरी और दिल की दूरी कम होगी. परिसीमन की प्रक्रिया के बाद चुनाव होंगे. पीएम मोदी के साथ बैठक के बाद महबूबा मुफ्ती ने कहा कि बहुत ही अच्छे माहौल में बात हुई. 5 अगस्त 2019 के बाद से जम्मू-कश्मीर के लोग बहुत मुश्किल में हैं. 370 को गैरकानूनी तरीके से हटाया गया. उन्होंने कहा, “जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 बहाल हो. मैं फिर कह रही हूं कि पाकिस्तान से बातचीत हो. लोगों की भलाई के लिए पाकिस्तान से भी बात हो.” महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कश्मीर के सुकून के लिए प...

RAJASTHAN POLITICS: दुविधा में पायलट! जल्दबाजी में उड़ान भरी तो फंसे, देरी की तो भी फंसे, 10 बड़े फैक्ट्स से समझें

जयपुर (सुभद्र पापड़ीवाल). राजस्थान की सियासत में मानेसर काण्ड के बाद सीएम अशोक गहलोत और पायलट के बीच दिखने वाली नजदीकियों की असल दूरियां जगजाहिर हो गईं. अब एक साल बाद फिर भले ही दोनों नेता एक दूसरे के खिलाफ सीधा तौर पर कुछ ना बोल रहे हों लेकिन उनके इशारे पर उनके कृपा पात्र विधायक बहुत कुछ बोल रहे हैं बयानों की बम्बारी ऐसी है कि फिर दोनों खेमों में महाभारत के आसार हैं.  लेकिन इस बार परिस्थितियां मानेसर काण्ड जैसी नहीं हैं, तब सचिन पायलट हावी थे और गहलोत सरकार बचाने के लिए डिफेंस की पॉजिशन में, लेकिन अब गहलोत हावी हैं और पायलट डिफेंस की की पॉ​जिशन में हैं. क्योंकि बुरे वक्त में अशोक गहलोत ने ऊपरी तौर पर यह दिखाने की कोशिश की कि वो सब कुछ भुलाकर अब पायलट को साथ लेकर चलने को तैयार हैं लेकिन इसी दौरान खुद को इतना मजबूत कर लिया की कोई सरकार गिराने की साजिश की सोचेे भी नहीं. यही...