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RAJASTHAN POLITICS: दुविधा में पायलट! जल्दबाजी में उड़ान भरी तो फंसे, देरी की तो भी फंसे, 10 बड़े फैक्ट्स से समझें

जयपुर (सुभद्र पापड़ीवाल). राजस्थान की सियासत में मानेसर काण्ड के बाद सीएम अशोक गहलोत और पायलट के बीच दिखने वाली नजदीकियों की असल दूरियां जगजाहिर हो गईं. अब एक साल बाद फिर भले ही दोनों नेता एक दूसरे के खिलाफ सीधा तौर पर कुछ ना बोल रहे हों लेकिन उनके इशारे पर उनके कृपा पात्र विधायक बहुत कुछ बोल रहे हैं बयानों की बम्बारी ऐसी है कि फिर दोनों खेमों में महाभारत के आसार हैं.  लेकिन इस बार परिस्थितियां मानेसर काण्ड जैसी नहीं हैं, तब सचिन पायलट हावी थे और गहलोत सरकार बचाने के लिए डिफेंस की पॉजिशन में, लेकिन अब गहलोत हावी हैं और पायलट डिफेंस की की पॉ​जिशन में हैं. क्योंकि बुरे वक्त में अशोक गहलोत ने ऊपरी तौर पर यह दिखाने की कोशिश की कि वो सब कुछ भुलाकर अब पायलट को साथ लेकर चलने को तैयार हैं लेकिन इसी दौरान खुद को इतना मजबूत कर लिया की कोई सरकार गिराने की साजिश की सोचेे भी नहीं. यही...

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने ली कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज, कहा- टीका सुरक्षा कवच है

नई दिल्ली. केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कोरोना की दूसरी डोज ली है. एम्स दिल्ली में उनके साथ उनकी पत्नी नीता चौबे ने भी वैक्सीन की दूसरी डोज ली. केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने डोज लेने के बाद कहा कि  टीका सुरक्षा कवच है और लोगों को समय रहते कोरोना की डोज लेनी चाहिए. क्योंकि वैक्सीन कोरोना महामारी से जंग में सुरक्षा चक्र को मजबूती प्रदान करता है.  केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने देशवासियों से भी अनुरोध किया कि स्वयं व अपने प्रियजनों को इस महामारी से बचाने के लिए टीका अवश्य लगावाएं और दूसरों को भी प्रेरित करें. टीका लगवाने के बाद भी नियमित रूप से मास्क पहनें. 2 गज की दूरी का ख्याल रखें व हाथों की निरंतर सफाई करते रहें. याद रखें, दवाई भी और कड़ाई भी. बता दें कि कोरोना संकटकाल में केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्...

सरकार को अस्थिर करने वालों को गहलोत के नेतृत्व में फिर धूल चटाएंगे. धीरे-धीरे सीखेंगे सचिन पायलट: संयम लोढा, निर्दलीय विधायक

जयपुर। राजस्थान कांग्रेस में सामने आ रही सियासी उठापटक के बाद में कांग्रेस समर्थित निर्दलीय विधायकों ने आज जयपुर में अपनी एक अलग से बैठक की और CM गहलोत के नेतृत्व में सरकार चलाने का पूरा भरोसा जताया। जयपुर में हुई निर्दलीय विधायकों की इस अहम बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव पास कर गैर भाजपा संगठनों से केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करने की अपील की गई।साथ ही सबने यह भी कहा कि "हम साधु सन्यासी नही है, राजनैतिक कार्यकर्ता है, मंत्रिमंडल विस्तार मुख्यमंत्री का स्वविवेक जो कहेंगे वो मानेंगे। निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि सचिन पायलट को पहली बार असफलता नहीं मिली, दूसरी बार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मामले में असफलता मिली है। जयपुर के होटल खासा कोठी में हुई बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोढ़ा ने कहा कि सचिन पायलट भाग्यशाली हैं, राजेश पायलट के बेटे हैं, कांग्रेस ने उनको सब दिया, पायल...

नैतिक साहस है तो केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह जांच एजेंसी के पास जाकर अपनी आवाज़ का सैंपल दें, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा: महेश जोशी, कांग्रेस

जयपुर/ दिल्ली. राजस्थान में एक बार फिर फोन टैपिंग काण्ड चर्चा में है. राजस्थान से ताल्लुक रखने वाले केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत की शिकायत पर एक ओर जहां दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने फोन टैपिंग मामले में राजस्थान कांग्रेस के नेता महेश जोशी को 24 जून प्रात: 11 बजे पेश होने के लिए मंगलवार को नोटिस जारी किया था, वहीं अब महेश जोशी भी मुखर हो गए हैं.  महेश जोशी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि राजस्थान में चुनी हुई सरकार को गिराने की साजिश में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र एस शेखावत मुख्य किरदार के रूप में सामने आए थे। इसके लिए PM को उनसे इस्तीफा मांगना चाहिए या बर्खास्त कर देना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हुआ. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पीएम और गृहमंत्री ने उसे बचाने की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस को दे दी इसलिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जबकि शेख...

ट्वीटर पर #पायलट_आ_रहा_है देशभर में हुआ ट्रेंड, पायलट के समर्थन में दिखा शक्ति प्रदर्शन तो जमकर मीम्स भी हुए शेयर

जयपुर (विकास विजय). राजस्थान में एक ही पार्टी के दो बड़े नेताओं के बीच सियासी जंग की चालें अलग अलग रूपों में देखी जा रही है. और सीधे तौर पर ना सही पर अप्रत्यक्ष रूप से जो भी संभव हो दोनों ही बड़े नेताओं के समर्थक शक्ति प्रदर्शन में जुटे है. जहां एक ओर अशोक गहलोत की सोशल मीडिया विंग लगातार गहलोत के समर्थन में सक्रिय है वहीं दूसरी ओर पायलट समर्थक भी इसमें पीछे नहीं. हाल ही में आलाकमान द्वारा पायलट की अनदेखी की खबरें सामने आने के बाद आज पायलट समर्थकों ने ट्वीटर पर जमकर शक्ति प्रदर्शन किया और 'पायलट आ रहा है' ट्वीटर पर जमकर ट्रेंड किया.  कई जगह पर इस चक्कर में सोशल मीडिया पर ही पायलट और गहलोत समर्थक अपने अपने नेता के समर्थन में जमकर कमेंट करते और उलझते भी नजर आए.  ट्विटर पर मंगलवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के समर्थकों ने #पायलट_आ_रहा_है ट्रेंड कराना शुरू किया। कुछ...

वैक्सीनेशन को गति देने और कम से कम वेस्टेज के लिए अब राजस्थान सरकार इस मास्टर प्लान पर करेगी काम

जयपुर। कोविड टीकाकरण को आवश्यक गति प्रदान करने और कम से कम वेस्टेज सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान सरकार ने ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के साथ चिकित्सा संस्थानों व अन्य के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की गई है.  प्रदेश में सुगम, सुचारू एवं समयबद्ध कोविड टीकाकरण हेतु जिला स्तर पर सत्र स्थलों का चयन, प्रचार प्रसार पर्याप्त वेक्सीन स्टॉक की उपलब्धता, सुरक्षा व्यवस्था हेतु पर्याप्त स्वयंसेवकों की तैनातगी एवं पर्याप्त मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए दिशा निर्देशों लबरेज एक मास्टर प्लान जारी किया गया है. ग्रामीण क्षेत्रों के लिए निर्देश - राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार जिले में वेक्सीन की उपलब्धता के दृष्टिगत ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतवार ऑफलाईन टीकाकरण कैम्प आयोजित किये जावे। - ऐसी ग्राम पंचायतें जिनका भौगोलिक क्षेत्रफल अधिक है तथा ग्राम पंचायत मुख्यालय से अन्...

भीलवाड़ा में मांडलगढ़ नगर पालिका चेयरमैन संजय डांगी 4 लाख 20 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

भीलवाड़ा/जयपुर। राजस्थान के इतिहास में भ्रष्टाचारियों के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा इतिहास का सबसे बड़ा महासंग्राम जारी है। इसी कड़ी में राजस्थान एसीबी के डीजी बीएल सोनी के नेतृत्व में एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो ने ADG दिनेश एमएन के निर्देशन में भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ नगर पालिका चेयरमैन संजय डांगी को 4 लाख 20 की रिश्वत राशि लेते हुए ट्रैप कर गिरफ्तार कर लिया गया। ACB DG बीएल सोनी के मुताबिक काछोला निवासी प्यार चंद रेगर नगर पालिका में ठेकेदार है और पालिका के निर्माण कार्यों का ठेका लिया था। जिसका बिल एवं पारित करने के एवज में पालिका चेयरमैन संजय डांगी ने 23 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। जिसकी राशि 4 लाख 50 हजार रुपए बन रही थी। शिकायत की जाँच करने से पता चला कि पालिका चेयरमैन डांगी ने 30 हजार रुपए पहले ही ले लिए थे। और अब 4 लाख ...

HPCL के डिप्टी जनरल मैनेजर राजेश कुमार सिंह 2 लाख रुपए की रिश्वत के साथ जयपुर में गिरफ़्तार

जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचारियों के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो का महासंग्राम जारी है और भ्रष्टाचारियों को चुन चुन कर सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम किया जा रहा है। हिंदुस्तान पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड नामक पब्लिक सेक्टर उपक्रम में व्यापक भ्रष्टाचार की शिकायतें प्राप्त होने पर राजस्थान एसीबी महानिदेशक बी.एल. सोनी और अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एम.एन. के निर्देशन में कंपनी के संदिग्ध अधिकारियों की निरंतर निगरानी व उनके क्रियाकलापों की जाँच पड़ताल की गई। इसके तहत रविवार को ACB, अजमेर की इंटेलिजेंस यूनिट के DSP पारस मल ने कोटा में पदस्थापित HPCL के डिप्टी जनरल मैनेजर राजेश कुमार सिंह व दलाल किशन विजय को 2 लाख रुपए की रिश्वत राशि के साथ जयपुर में गिरफ़्तार कर लिया। उक्त राशि में से 1,00,000 रुपया राजेश कुमार सिंह द्वारा निवाई स्थित दीक्षा पेट्रोल पंप के मालिक प्रदीश वर्मा से उसके पेट्रोल प...

ईरान के नए राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी अगस्त में लेंगे शपथ, इससे पहले उनकी जीत पर क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी?

नई दिल्ली। ईरान के नए राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी को जीत पर दुनियाभर से बधाई मिल रही है। इस मौके पर भारत के वजीर-ए-आजम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इब्राहिम रायसी को इस्लामिक गणराज्य ईरान के राष्ट्रपति के रूप में चुने जाने पर बधाई दी है। एक ट्वीट के माध्यम से, प्रधानमंत्री ने कहा, “इस्लामिक गणराज्य ईरान के राष्ट्रपति के रूप में चुने जाने पर महामहिम इब्राहिम रायसी को बधाई। मैं भारत और ईरान के बीच मधुर संबंधों को और मजबूत करने के लिए उनके साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं।" उधर ईरान के नए राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी जीत के बाद अब अगस्त में शपथ लेंगे।...

पिक्चर अभी बाकी है, राजस्थान के सियासी ड्रामे में नया पेंच, संयुक्त मोर्चा क्या गुल खिलाएगा?

जयपुर. राजस्थान में पल पल बदलते सियासी समीकरणों, आशाओं और निराशाओं के बीच अब एक और नई पिक्चर अभी देखनी बाकी है. अभी तक राजस्थान कांग्रेस में गहलोत और पायलट खेमा ही था वहीं अब सरकार के समर्थन में खड़े निर्दलीय और बसपा से कांग्रेस में आए विधायकों ने एक नया खेमा तैयार करने का फैसला किया है. सियासी उठापटक और जोड़-तोड़ के बीच यह नया समीकरण गहलोत और पायलट दोनों ही खेमों के लिए चिंता का विषय कहा जा सकता है. लेकिन राजनीति के जानकार इसे किसी राजनीतिज्ञ की जादूगरी का एक और नया कदम बता रहे हैं, जिसका साफ मकसद है आने वाले दिनों में होने वाली राजनीतिक नियुक्तियों और मंत्रिमण्डल​ विस्तार में पायलट खेमे के विरोध में इस खेमे को खड़ा करना और खुद को सेफ जोन में रखना. माना जा रहा है कि मानेसर घटनाक्रम के बाद गहलोत की तल्ख बयानबाजी जायज थी  लेकिन कुछ राजनीतिक मित्रों ने गहलोत को अभी ऐसी तल्ख बयान...