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तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव की राष्ट्रीय स्तर पर पॉलिटिकल दाव खेलने की तैयारी, तेलंगाना राष्ट्र समिति को बनाया भारत राष्ट्र समिति

तेलंगाना से एक नया आगाज हुआ है। यहां के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने एक बड़ा दाव खेलने की तैयारी कर ली है। हालांकि वो इसमें कितना सफल होंगे यह आने वाला वक्त ही बताएगा, पर चंद्रशेखर राव ने 2024 के चुनाव से पहले राष्ट्रीय स्तर पर चुनावी ताल ठोकने का मन बना लिया है। उन्होंने अपनी ही पार्टी के एक नए संस्करण भारत राष्ट्र समिति की लॉन्चिंग कर दी है। अब तेलंगाना राष्ट्र समिति भारत राष्ट्र समिति के नाम से जानी जाएगी। खास बात यह है कि दशहरे पर इस लॉन्च कार्यक्रम में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और द्रमुक के सहयोगी थोल थिरुमावलवन जैसे राजनीतिक दिग्गज भी मौजूद रहे। इतना ही नहीं इस मौके पर केसीआर ने यह साफ तौर पर कहा कि वह 2024 में बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुकाबला करने का इरादा रखते हैं. कई विपक्षी दलों को भी उन्होंने अपने मिशन में शामिल होने के लिए आमंत्रित भी किया। ह...

जहां पैदा हुआ, उससे कैसे दूर हो सकता हूं, अंतिम सांस तक राजस्थान की सेवा करता रहूंगा, जो कहता हूं उसके कुछ मायने होते हैं: CM अशोक गहलोत

बीकानेर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का एक बयान फिर चर्चा का विषय बन गया है। सियासी गलियारों में अशोक गहलोत के इस बयान के बाद कयास लगाई जा रही है कि गहलोत कहीं नहीं जाने वाले, वो फिलहाल राजस्थान में ही और राजनीतिक पारी खेलेंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि "मैं मारवाड़ का हूं, जोधपुर का हूं, महामंदिर का हूं। जहां मैं पैदा हुआ, उससे कैसे दूर हो सकता हूं, कहीं भी रहूं, मैं अंतिम सांस तक राजस्थान की सेवा करता रहूंगा। जो कहता हूं उसके कुछ मायने होते हैं।" बता दें कि सीएम गहलोत शनिवार को बीकानेर के दौरे पर रहे और इस दौरान पत्रकारों से वार्ता में गहलोत ने यह बात कही। हालांकि गहलोत मानेसर वालों को सजा देने के सवाल को गहलोत टाल गए। पर सीएम गहलोत के इस बयान ने स्पष्ट कर दिया कि वो फिलहाल राजस्थान छोड़कर कहीं जाने वाले नहीं है। उनके इस बयान को मुख्यमं...

घुटनों का ऑपरेशन करवा चुके 80 साल के बुजुर्ग मल्लिकार्जुन खड़गे होंगे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष, आसान नहीं राह

नई दिल्ली (आलोक शर्मा)। एक तरफ कांग्रेस को युवा ताकत से मजबूत करने की दिशा में बातें की जा रही है। कई बार राहुल गांधी से लेकर सोनिया गांधी तक युवा नेतृत्व बढाने को लेकर बयान और नसीहत दोनों दे चुके हैं लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर 80 वर्षीय बुजुर्ग वरिष्ठ कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के लिए कितना दमखम के साथ काम कर पाएंगे। घुटनों के ऑपरेशन के बाद उन्हें चलने फिरने में दिक्कत होती है, कई बार सिढियों पर भी सहारा लेकर चढना पड़ता है। एक तरफ सोनिया गांधी उम्र और बीमारियों का हवाला देकर अब कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे पद की जिम्मेदारी संभालने में असहज महसूस कर रही हैं वहीं उसी स्थिति में मल्लिकार्जुन खड़गे भी हैं। ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन कांग्रेस के सीनियर नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस पद के चुनाव के लिए नामांकन तो भर दिया। पर वो बुढी हो चुकी का...

राजस्थान के सियासी घटनाक्रम पर अब बयानबाजी करने वाले कांग्रेस नेताओं के खिलाफ एआईसीसी लेगी एक्शन, एडवाइजरी जारी

नई दिल्ली। राजस्थान कांग्रेस में चल रहे सियासी घटनाक्रम के दौरान पार्टी के नेताओं द्वारा एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। भाषा की मर्यादा तक नेता लांघ रहे हैं। ऐसे में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने इस मसले को गंभीरता से लेते हुए एडवाइजरी जारी की है। एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि कोई भी नेता पार्टी के आंतरिक मसलों और किसी भी नेता के खिलाफ बयानबाजी नहीं करेगा। आदेशों के उल्लंघन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि राजस्थान कांग्रेस में चल रहे घटनाक्रम के बीच गहलोत और पायलट गुट के अलावा पार्टी के गैर गुट वाले कांग्रेस नेता भी जमकर बयान बाजी कर रहे हैं। इसमें राजस्थान सरकार के मंत्री शांति धारीवाल, महेश जोशी, राजेन्द्र गुढा, प्रताप सिंह खाचरियावास, मुरारी मीणा के अलावा कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़, विधायक दिव्या मदेरणा, वेदप्रका...

दो दिनों में राजस्थान के सीएम पर फैसला ले लिया जाएगा, सोनिया गांधी लेंगी फैसला: केसी वेणुगोपाल

नई दिल्ली। राजस्थान की राजनीति में सियासी बवाल के बीच क्लाइमेक्स अभी शेष है। सोनिया गांधी से अशोक गहलोत की मुलाकात के बाद केसी वेणुगोपाल के एक बयान से फिर गहलोत गुट की चिंताएं बढ गई हैं। सोनिया गांधी से मिलने के बाद मीडिया से बातचीत में वेणुगोपाल ने कहा कि दो दिनों में राजस्थान सीएम पर फैसला ले लिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि सोनिया गांधी इस पर फैसला लेंगी। ऐसे में गहलोत गुट की चिंताएं बढना लाजमी हैं, क्योंकि एक तरफ गहलोत के हाथ से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद की बेहतरीन अपॉच्युनिटी मिस हो चुकी है वहीं वेणुगोपाल के इस बयान के बाद अब सीएम पद को लेकर भी संशय बढ गया है। वेणुगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव को लेकर भी बयान देते हुए कहा कि कल शाम तक इंतजार कीजिए, अंतिम नामों की सूची आपके सामने होगी। उधर कांग्रेस को करीब से जानने वाले सूत्रों का मानना है कि आलाकमान गहलोत समर्थकों के ...

सोनिया गांधी के साथ बैठक के बाद CM गहलोत ने किया ऐलान, कहा- नहीं लड़ेंगे अध्यक्ष का चुनाव

नई दिल्ली। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेंगे या नहीं लड़ेंगे इस पर पिक्चर अब क्लियर हो गई है। अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद में ऐलान कर दिया कि वह राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मैं मुख्यमंत्री बना रहूंगा या नहीं रहूंगा, इसका फैसला कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे। बता दें कि दिल्ली में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ करीब डेढ़ घंटे मुलाक़ात की। मुलाकात के बाद अशोक गहलोत ने साफ कर दिया कि वे कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के साथ बैठकर हमने बात की है। मैंने हमेशा वफादार सिपाही के रूप में काम किया है। विधायक दल की बैठक के दिन हुई घटना ने सबको हिलाकर रख दिया। ऐसा लगा जैसे कि म...

एक साल पहले चुनाव लड़ना मंजूर, लेकिन बीजेपी और शाह की गोद मे बैठने वाले पायलट को सीएम के रूप में स्वीकार नहीं कर सकते: परसादी लाल मीणा, कैबिनेट मंत्री

जयपुर। राजस्थान में जारी सियासी बवाल के बीच में गहलोत और पायलट समर्थक एक दूसरे के नेताओं पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने में कहीं पीछे नहीं है। अब इस पिक्चर में राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री परसादी लाल मीणा भी शामिल हो गए हैं। परसादी लाल मीणा ने साफ कहा है कि ‘राजस्थान में एक साल पहले चुनाव लड़ना मंजूर है , लेकिन बीजेपी और शाह की गोद मे बैठने वाले पायलट को सीएम के रूप में स्वीकार नहीं कर सकते।’ मंत्री मीना यहीं नहीं रुके, आगे उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति बीजेपी और अमित शाह के ऑफिस और घर में जाकर बैठा हो, जिसके पास हरियाणा पुलिस का पहरा रहा हो, हम उसको सीएम बर्दाश्त नहीं कर सकते। क्योंकि ऐसा हुआ तो नाराज जनता हमको छोड़ेगी नहीं और अगला चुनाव हम जीत नहीं सकते। परसादी लाल मीणा ने कहा कि सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाया तो पंजाब जैसे हालात हो जाएंगे। ऐसे मुख्यमंत्री से अच्छा ...

राजस्थान एपिसोड के बाद अब कांग्रेस हाईकमान को नजर आ रहा ये ही सबसे मजबूत रास्ता, राष्ट्रीय अध्यक्ष की दौड़ में शामिल हुए इन नेताओं के नाम

नई दिल्ली। कांग्रेस आलाकमान के बाद राजस्थान में जारी सियासी बगावत के बीच एक ही सबसे बेहतर विकल्प बच रहा है कि यथा स्थिति बरकरार रखी जाए। क्योंकि जिस तरह का सियासी एपिसोड राजस्थान कांग्रेस की राजनीति में हाल ही प्ले हुआ उसके बाद कांग्रेस हाईकमान को यदि किसी भी तरह के विवाद से फिलहाल बचना है तो राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री के तौर पर बनाए रखना ही मुनासिब लग रहा है। क्योंकि अभी भी पायलट गुट गहलोत गुट से ज्यादा भारी नहीं लग रहा है। दूसरा इस पूरे प्रकरण के बाद सीएम अशोक गहलोत की गांधी परिवार के प्रति आस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ऐसे में गहलोत को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाता है तो इसका गलत मैसेज भी जाएगा। कांग्रेस के नेताओं को लगेगा कि गांधी परिवार के खिलाफ जिसने मोर्चा खोला उन्हें इस तरह से पूरे देश में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंप दी गई। यदि ग...

कांग्रेस विधायक दल की बैठक का बहिष्कार करने के मामले शांति धारीवाल, धर्मेंद्र राठौड़ को कारण बताओ नोटिस

जयपुर। राजस्थान कांग्रेस में चल रहे सियासी घमासान के बीच अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने सख्त रूख अख्तियार करते हुए तीन नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे की रिपोर्ट पर जारी किया गया है। हालांकि सीएम गहलोत को इस मामले में अभी हाईकमान ने कोई नोटिस नहीं दिया है, ऐसे में माना जा रहा है कि गहलोत को क्लिन चीट मिल गई है। पर उनके तीन सबसे करीबी नेता संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल, सचेतक महेश जोशी और आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह राठौड़ को कांग्रेस अनुशासन समिति ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।हालांकि महेश जोशी ने कहा कि उन्हें ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला। बताया जा रहा है कि विधायक दल की बैठक के समानांतर बैठक आयोजित करने का मास्टर प्लान इन्हीं तीन नेताओं ने तैयार किया था। तीनों नेताओं को अनुशासनहीनता का दोषी मानकर 10 दिन में जवाब मांगा गया है। बता दे...

आज के बाद चीफ व्हीप महेश जोशी के एक भी आदेश की पालना नहीं करूंगी, शांति धारीवाल और महेश जोशी सबसे बड़े गद्दार: दिव्या मदेरणा, कांग्रेस विधायक

जयपुर. राजस्थान के सियासी घमासान में दिव्या मदेरणा अपने बोल्ड और सदे हुए बयानों का लेकर खासी चर्चा में आ गई हैं। और खुलकर मंत्री शांति धारीवाल और महेश जोशी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आलाकमान के निर्देश पर विधायक दल की बैठक के समानांतर बैठक आयोजित करने पर दिव्या मदेरणा ने मंत्री शांति धारीवाल और महेश जोशी को आड़े हाथों लेते हुए दोनों को सबसे बड़ा गद्दार बताया है। दिव्या मदेरणा ने कहा कि 'संसदीय कार्य मंत्री और चीफ व्हीप होकर सीएलपी की मीटिंग में यह लोग नहीं आते, स्टेज सजाते हैं और हाईकमान के खिलाफ बयानबाजी करते हैं, उस हाईकमान के खिलाफ जिसने इन्हें वो सब दिया जिसके बारे में इन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा, ऐसे में सबसे बड़े गद्दार तो यह दोनों हैं।' दिव्या मदेरणा ने महेश जोशी पर निशाना साधते हुए कहा कि आज के बाद मैं चीफ व्हीप महेश जोशी द्वारा दिए गए किसी आदेश की पालना में नहीं कर...