India

राजस्थान सरकार का कार्मिकों को बड़ा तोहफा, कोरोना संकटकाल में काटा गया 15 दिन का वेतन जारी करने का फैसला

जयपुर. राजस्थान सरकार ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कोरोना संकट काल के दौरान काटे गए सरकारी कार्मिकों के वेतन को वापस जारी करने का फैसला किया है. राजस्थान सरकार के इस फैसले से राजस्थान सरकार के लाखों कर्मचारियों और अधिकारियों को फायदा मिलेगा. कई कर्मचारी संगठनों ने भी लगातार इस कटौति का विरोध किया था. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी बजट घोषणा में जैसे ही यह ऐलान किया तो प्रदेश के सरकारी कार्मिकों में खुशी की लहर दोड़ गई. बता दें कि कोरोना संकटकाल और लॉकडाउन में 15 दिन को रोका गया वेतन फिर जारी किया जाएगा. यह करीब 1600 करोड़ से ज्यादा की राशि है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इस फैसले को विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने स्वागत किया है. ...

Rajasthan Budget-2021: बुलेट की रफ्तार से बेहद ही संक्षिप्त अंदाज में जानें बजट की बड़ी घोषणाएं

जयपुर. राजस्थान सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 का राज्य बजट आज विधानसभा में पेश किया. विभिन्न सेक्टर्स को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की गईं तो राहत भी प्रदान की गईं. बड़ी बात यह रही कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देश में सबसे लम्बा बजट भाषण पढने का रिकॉर्ड भी बना डाला, करीब 2 घंटे 46 मिनट तक बजट पढा बजट भाषण.  यह भी पढें: इन 10 अधिकारियों ने बनाया राजस्थान का बजट BUDGET LIVE UPDATES: - कोरोना संकट काल और लॉकडाउन में रोका गया सरकारी कर्मचारियों का करीब 1600 करोड़ का वेतन जारी करने की घोषणा - रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्ट करने की कवायद, डीएलसी की दरों में 10 फीसदी की कमी की घोषणा.  - 50 लाख तक फ्लैट पर स्टांप ड्यूटी 6 से घटाकर 4 फीसदी की गई यानी दो फीसदी की कमी. - राजस्थान में कोरोना संकटकाल से प्रभावित रियल एस्टेट एवं अन्य व्यवसायों को ​गति देने के लिए ...

आज पेश होगा राजस्थान का पेपरलेस बजट, सभी तैयारियां पूरी, हर वर्ग को बड़ी उम्मीदें

जयपुर। राजस्थान सरकार के वित्त वर्ष 2021-22 का राज्य बजट आज विधानसभा में सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा। इससे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निवास पर मंगलवार को बजट को अंतिम रूप दिया। बड़ी बात यह है कि कोरोना संकटकाल में इस बार बजट को लेकर काफी राहत की उम्मीदें हैं। आमजन, व्यापारियों और किसानों को खासकर इस बजट से बड़ी आस है। मंगलवार को जब इस बजट को अंतिम रूप दीया गया तो CM गहलोत के साथ वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ इस बजट के निर्माण में सबसे अहम भूमिका निभाने वाले टॉप फाइव ऑफिसर मौजूद रहे। वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोरा, वित्त सचिव (राजस्व) टी. रविकांत, वित्त सचिव (बजट) पृथ्वीराज सिंह, विशिष्ठ सचिव (व्यय) सुधीर कुमार शर्मा, बजट डायरेक्टर शरद मेहरा बजट को फाइनल रूप देते वक्त CM गहलोत के साथ रहे। यह भी पढें: कौन हैं राजस्थ...

तीनों कृषि कानून वापस नहीं तो 40 लाख किसान ट्रेक्टर और हल लेकर संसद पहुंचेंगे: राकेश टिकैत

सीकर। किसान नेता राकेश टिकैत ने सीकर में आयोजित किसान महापंचायत में कहा कि सरकार यदि तीनों कृषि कानून वापस नहीं लेगी तो 40 लाख किसान ट्रेक्टर और हल लेकर संसद पहुंचेंगे। जहां संसद के का घेराव कर वहां पार्क में हल चलाकर गेहूं की बुआई करेंगे। उन्होंने कहा कि किसान संयुक्त मोर्चा जल्द ही इसकी तारीख तय करेगा। टिकट ने केंद्र सरकार द्वारा तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लिए जाने पर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला और 'हल चलाने वाला हाथ नहीं जोड़ेगा' का नारा दिया। साथ ही किसानों से दिल्ली आंदोलन में पहुंचने की अपील भी की। इस महापंचायत में किसान नेता योगेन्द्र यादव ने कृषि कानूनों की खामियां गिनाते हुए इसके खिलाफ किसानों को एकजुट हो संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। किसान नेता अमराराम, युद्धवीर सिंह तथा राजाराम मील ने केंद्र सरकार को किसान विरोधी बताते हुए लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या...

राजस्थान में एम्बुलेंस सेवा ठप, अपनी मांगों को लेकर कार्मिक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

जयपुर। पिछले लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत राजस्थान एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन ने मंगलवार शाम 8:00 बजे से पूरे राजस्थान में एंबुलेंस सेवाओं का संचालन बंद कर दिया। प्रदेशभर में 108 और 104 एम्बुलेंस का संचालन बंद होने के साथ ही राजस्थान सरकार ने पूरे प्रदेश भर में वैकल्पिक व्यवस्थाओं को मजबूत कर दिया है। ताकि किसी भी तरह से मरीजों को परेशानी ना हो। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि 'एंबुलेंस कर्मचारी काफी समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार से झूठे आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। हमने चेतावनी दी थी कि 22 फरवरी तक कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 23 फरवरी को पूरे प्रदेश में एंबुलेंस सेवा बंद कर दी जाएगी। इसके लिए मिशन निदेशक को चेतावनी पत्र भी दिया गया था।' कर्मचारियों की मांग है कि 20 फीसदी बढ़ा हुआ वेतन का एरियर दिलवा...

राजस्थान का बजट, CM गहलोत ने बजट पर लगाई फाइनल मुहर

जयपुर। राजस्थान सरकार के वित्त वर्ष 2021-22 के राज्य बजट को अंतिम रूप दे दिया गया है। बड़ी बात यह है कि कोरोना संकटकाल में इस बार बजट को लेकर काफी राहत की उम्मीदें हैं। आमजन, व्यापारियों और किसानों को खासकर इस बजट से बड़ी आस है। 24 फरवरी की सुबह 11 बजे यह बजट पेश किया जाएगा। इससे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निवास पर बजट को अंतिम रूप दिया। यह भी पढ़ें: राजस्थान सरकार का बजट 2021-22 तैयार, जानिए बजट निर्माण में अहम रोल निभाने वाले 10 सुपर ऑफिसर्स कौन रहे? इस मौके पर उनके साथ ही वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ इस बजट के निर्माण में सबसे अहम भूमिका निभाने वाले टॉप फाइव ऑफिसर मौजूद रहे। वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोरा, वित्त सचिव (राजस्व) टी. रविकांत, वित्त सचिव (बजट) पृथ्वीराज सिंह, विशिष्ठ सचिव (व्यय) सुधीर कुमार शर्मा, ...

राजस्थान सरकार का बजट 2021-22 तैयार, जानिए बजट निर्माण में अहम रोल निभाने वाले 10 सुपर ऑफिसर्स कौन रहे?

जयपुर (आलोक शर्मा) . राजस्थान सरकार बजट पेश करने जा रही है. इस बजट को तैयार कर लिया गया है, और मूर्त रूप जनता के सामने कुछ ही घंटों बाद 24 फरवरी की सुबह 11 बजे आने वाला है. राजस्थान के मुख्यमंत्री जो कि इस सरकार के वित्त मंत्री भी हैं उन्होने इस बजट को जनता के लिए, गरीबों के लिए, किसानों के लिए, उद्योग और व्यापार जगत के लिए एक फ्रेंडली बजट बनाने का भरसर प्रयास किया है. पर इस बजट को मुख्यमंत्री की मंशा के मुताबिक मूर्त रूप देने में कौन से वो ब्यूरोक्रेसी के सुपर ऑफिसर्स रहे जिन्होंने दिन रात एक कर दिया, और पिछले कई माह की मेहनत के बाद इस बजट को तैयार किया. यह हम सबके लिए जानना काफी अहम हो जाता है. 1. निरंजन आर्य, CS, राजस्थान सरकार  राजस्थान सरकार की ब्यूरोक्रेसी के मुखिया होने के नाते प्रदेशभर के ऑफिसर्स से नए बजट को लेकर फीडबैक, डाटाबेस और प्रस्ताव इन्ही के निर्...

3 हजार 394 करोड़ का जीएसटी फर्जीवाड़ा पकड़ा, जयपुर में सात गिरफ्तार

जयपुर. सीजीएसटी की जयपुर ब्रांच ने 3394 करोड़ रुपए के फर्जी इनवॉयस जारी कर टैक्स की चपत लगाने वाले सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. आरोपियो ने 3394 करोड़ रुपए से अधिक के फर्जी इनवायस जारी कर केंद्र और राज्य सरकार को जीएसटी की चपत लगाई. कुल 85 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी सामने आई है. आरोपियों को विशेष आर्थिक अपराध न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने सभी को जेल भेज दिया है.आरोपियों ने 220 करोड़ रुपए से अधिक का फर्जी दस्तावेज के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट उठाने की जानकारी है. मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें एक आरोपी अलवर का तो बाकी के छह आरोपी जयपुर के हैं. सीजीएसटी की जयपुर में तैनात एंटी इवेजन टीम ने यह बड़ी कार्रवाई की है. बताया जा रहा है कि फर्जी बिलों के माध्यम से करीब 3394 करोड़ की हेराफेरी की गई. फिलहाल कार्रवाई जारी है. अधिकारी इस पूरे फर...

सांसद मोहन डेलकर ने की आत्महत्या, गुजराती में लिखा सुसाइड नोट छोड़ा

मुंबई. सांसद मोहन डेलकर ने आत्महत्या कर ली है. उन्होंने मुंबई के एक होटल में आत्महत्या की, पुलिस को उनका गुजराती भाषा में लिखा एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. दादर और नागर हवेली के सांसद मोहन डेलकर ने होटल सी ग्रीन मरीन में आत्महत्या की. बता दें कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत एक ट्रेड यूनियन के नेता के तौर पर थी. वे कांग्रेस और बीजेपी के टिकट पर सांसद का चुनाव लड़ चुके थे और उसके बाद उन्होंने भारतीय नवशक्ति पार्टी का गठन भी किया था.  Read full story: पायलट के बाद अब वसुंधरा खेमा भी शक्ति प्रदर्शन की राह पर, दोनों ही अनदेखी से खफा उनकी क्षेत्र में काफी अच्छी पकड़ थी यही कारण रहा कि वो तीन बार लोकसभा का चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे. साल 2019 में उन्होंने खुद को कांग्रेस से अलग कर बतौर निर्दलीय उम्मीदवार लोकसभा चुनाव जीता था.  Read full story: पुड्डुचेरी में अनै...

पायलट के बाद अब वसुंधरा खेमा भी शक्ति प्रदर्शन की राह पर, दोनों ही अनदेखी से खफा  

जयपुर. राजस्थान में दो दिग्गज नेताओं के शक्ति प्रदर्शन प्रदेश की सियासत में इस वक्त चर्चा का विषय हैं. अब तक अपनी अनदेखी से खफा पायलट खेमा लगातार किसान आंदोलन के समर्थन में अपनी भारी भीड़ वाली सभाएं करके लगातार शक्ति प्रदर्शन कर रहा था वहीं अब 8 मार्च को भरतपुर में मनाए जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे के जन्मदिन के बहाने उनके खेमे के विधायक भी शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में हैं. बड़ी बात यह है कि एक ओर जहां पायलट गुट उनके नेताजी की अनदेखी से खफा और निराश है वहीं दूसरी ओर वसुंधरा राजे गुट की भी यही पीड़ा है कि बीजेपी प्रदेश संगठन और आला स्तर पर उन्हे जो तवज्जो मिलनी चाहिए वो नहीं मिल रही है. ना ही राजे को अगला सीएम पद के चेहरे के तौर पर प्रमोट किया जा रहा. यही कारण रहा कि गहलोत सरकार के पर आए संकट के वक्त भी वसुंधरा राजे खेमे ने सियासी उठापटक का व...