India

पिछले पांच वर्षों के दौरान घरेलू कोयले का उत्पादन लगभग 23 प्रतिशत बढ़ा

नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2018-2019 में 728.72 मिलियन टन की तुलना में वित्त वर्ष 2022-23 में भारत के कुल कोयला उत्पादन में लगभग 22.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 893.08 मिलियन टन का उत्पादन हुआ। प्रतिस्थापन योग्य कोयले के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए घरेलू कोयला उत्पादन को बढ़ाना कोयला मंत्रालय की प्राथमिकता है। पिछले 5 वर्षों में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का उत्पादन वित्त वर्ष 2018-2019 में 606.89 मिलियन टन की तुलना में 15.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 703.21 मिलियन टन बढ़ा है। एससीसीएल ने वित्त वर्ष 2018-19 में 64.40 मिलियन टन से 4.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ वित्त वर्ष 2022-23 में 67.14 मिलियन टन उत्पादन कर प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है। कैप्टिव और अन्य खदानों ने भी 113.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ वित्त वर्ष 2022-23 में 122.72 मिलियन टन उत्पादन दर्ज किया है, जो वित्त वर्ष 2018-19 में 57.43 मिलिय...

कृषि क्षेत्र की गतिविधियों को सैटेलाइट के माध्यम से मॉनीटर करने के लिए कृषि मैपर एप लांच

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि भविष्य की जरूरतों व चुनौतियों को देखते हुए जरूरी है कि कृषि क्षेत्र में तकनीक को समर्थन मिले। जैसे-जैसे टेक्नालॉजी बढ़ेगी, खेती में काम करना आसान होगा, मेहनत कम होगी व ज्यादा मुनाफे की स्थिति बन सकेगी। इससे आने वाली पीढिय़ों का भी खेती के प्रति रूझान बढ़ेगा, इसके लिए भारत सरकार ने कई योजनाएं बनाई हैं व इनका सुचारू क्रियान्वयन किया जा रहा है। श्री तोमर ने यह बात खरीफ अभियान-2023 के लिए पूसा, नई दिल्ली में आज आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि कही। केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि कृषि राज्यों का विषय है, वहीं केंद्र सरकार फंड का इंतजाम कर सकती है, योजनाएं बना सकती है और बनी योजनाओं को लेकर उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर सकती है, लेकिन परिणाम तभी आएगा, जब राज्यों की गति बढ़ेगी, राज्य अनेक प्रका...

भारतीय वैक्सीन बाजार के 2025 तक 252 अरब रुपये तक पहुंचने की उम्मीद : डॉ. जितेंद्र सिंह

नई दिल्ली। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पृथ्वी विज्ञान, राज्‍य मंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्‍यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज 175 साल पुराने लंदन विज्ञान संग्रहालय का दौरा किया और भारत में प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा इसी तरह के विज्ञान संग्रहालयों की स्थापना की पहल का अनुभव साझा किया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इन संग्रहालयों को स्थापित करने का विचार आम नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं को उनकी छिपी क्षमताओं का पता लगाने में मदद करना और कभी-कभी उनके अंतर्निहित कौशल की खोज करना भी है, जिसका आभास उन्‍हें स्‍वयं भी नहीं होता। यह संग्रहालय जिज्ञासा के भाव को बढ़ाते हैं, इससे उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण और रचनात्मक नवाचार में मदद मिलती है। विज्ञान संग्रहालय लंदन में दक्षिण ...

शिक्षा मंत्रालय ने मन की बात में व्‍यक्‍त किए गए प्रधानमंत्री के विचार और दूरदर्शिता से प्रेरित होकर की यह पहल

नई दिल्ली। मन की बात ने समाज के सभी वर्गों को प्रभावित किया है इस कार्यक्रम के माध्‍यम से लोग राष्ट्रहित के लिए निर्धारित महान लक्ष्यों को पूरा करने में योगदान के लिए प्रेरित हुए हैं। 3 अक्टूबर, 2014 को शुरू हुई मन की बात भारत के प्रधानमंत्री का एक बहुत लोकप्रिय कार्यक्रम है जिसने पिछले नौ वर्षों में प्रसारण की 100 कड़ी पूरी की हैं इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देश को बेहतर बनाने के लिए सैकड़ों विभिन्न मुद्दों को उठाया है। ये सभी मुद्दे गहन अनुसंधानों और देश भर के विभिन्न हितधारकों और विभिन्‍न विषयों में कार्यरत विशेषज्ञों से मिले विशेष फीडबैक पर आधारित हैं। मन की बात के माध्यम से उन्होंने देश के सामने विभिन्न शैक्षिक पहलुओं सहित चिंताओं को तथ्यों और आंकड़ों के साथ प्रस्‍तुत किया है और इसके लिए जन समुदाय की उत्‍साही प्रतिक्रिया मिली है। मन की बात कार्यक्रम ने समाज के सभी व...

‘मन की बात’ संवाद आयुष को सकारात्मक विश्वास प्रदान करने में मददगार रहे हैं : सर्बानंद सोनोवाल

नई दिल्ली। आयुष मंत्रालय ने ‘आयुष सेक्टर पर मन की बात का प्रभाव’ पर केंद्रित केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) की आधिकारिक अनुसंधान पत्रिका जर्नल ऑफ रिसर्च इन आयुर्वेदिक साइंसेज (जेआरएएस) पत्रिका के एक विशेष संस्करण का विमोचन किया है। आयुष तथा पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनेवाल ने आज आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में पत्रिका का विशेष संस्करण का विमोचन किया। अपने संबोधन में श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, 'प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ संवाद आयुष को सकारात्मक विश्वास प्रदान करने में मददगार रहे हैं, प्रस्तुति की अपनी नवोन्मेषी तथा अनूठी संवादमूलक शैली के साथ, इस रेडियो कार्यक्रम ने अपने लिए एक उत्कृष्ट स्थान बनाया है और यह समुदायों के बीच लोकप्रिय हो गया है।' पत्रिका के व...

देश में एफएम कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 91 नए 100वॉट एफएम ट्रांसमीटरों का उद्घाटन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 91 नए 100वॉट एफएम ट्रांसमीटरों का उद्घाटन किया। इस उद्घाटन से देश में रेडियो कनेक्टिविटी को और बढ़ावा मिलेगा। सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में कई पद्म पुरस्कार विजेताओं की उपस्थिति का उल्लेख किया और उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरे भारत का एफएम बनने की दिशा में आकाशवाणी द्वारा एफएम सेवाओं के विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने रेखांकित किया कि आकाशवाणी द्वारा 91 एफएम ट्रांसमीटरों की शुरुआत देश के 85 जिलों और 2 करोड़ लोगों के लिए एक उपहार की तरह है। प्रधानमंत्री ने कहा, एक तरह से, यह उपहार भारत की विविधता और विभिन्न रंगों की झलक प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि नए 91 एफएम ट्रांसमीटरों के तहत कवर किए गए जिले, आकांक्षी जिले और ब्लॉक हैं। उन्होंने इस महत्वपूर...

राजस्थान रॉयल्स ने जयपुर के SMS स्टेडियम में चेन्नई सुपरकिंग्स को 32 रन से हराया

जयपुर। राजस्थान रॉयल्स ने जयपुर के SMS स्टेडियम में चेन्नई सुपरकिंग्स को 32 रन से हरा दिया। राजस्थान रॉयल्स ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए यह जीत हासिल की। बता दें कि यशस्वी जायसवाल और जॉस बटलर की तूफ़ानी पारियों की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने चेन्नई सुपर किंग्स के सामने जीत के लिए 203 रन का लक्ष्य रखा था। आईपीएल के 37वें मैच में टॉस जीत कर संजू सैमसन के बल्लेबाज़ी लेने के फ़ैसले को इन दोनों बल्लेबाज़ी ने सही साबित करते हुए दोनों ने राजस्थान रॉयल्स को बहुत तेज़ शुरुआत दी। आकाश सिंह ने गेंदबाज़ी की शुरुआत की तो जायसवाल ने उनकी गेंदों पर पहले ओवर में ही तीन चौके लगाकर माहौल बना दिया। दूसरा ओवर तुषार देशपांडे डालने आए पहले ओवर में 14 रन बने तो बटलर ने दूसरे ओवर में दो चौके के साथ 10 रन जुटाए। और जबरदस्त शुरुआत दी। तीसरे ओवर में जायसवाल ने फिर तीन चौके और एक छक्का जमाया. इस ओवर में 18 रन बने. ती...

पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल के निधन के बाद केंद्र सरकार ने दो दिन का राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया

चंडीगढ़: पंजाब के पूर्व सीएम और शिरोमणि अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। निधन के बाद केंद्र सरकार ने दो दिन का राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है। प्रकाश सिंह का मंगलवार देर शाम मोहाली के एक अस्पताल में 95 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे लगातार विशेष चिकित्सकों का दल उनकी सेहत पर निगरानी बनाए हुए था। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रकाश सिंह बादल के निधन पर दुख व्यक्त किया और अपने शोक संदेश में कहा कि "वह भारतीय राजनीति की एक महान शख्सियत और एक उल्लेखनीय राजनेता थे, जिन्होंने हमारे देश के लिए बहुत योगदान दिया। उन्होंने पंजाब की प्रगति के लिए अथक रूप से काम किया और महत्वपूर्ण समय में राज्य को सहारा दिया।" राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल के निधन पर शोक व...

28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने भूमि अभिलेखों के लिए राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज पंजीकरण प्रणाली को अपनाया

नई दिल्ली। 28 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने भूमि अभिलेखों के सुरक्षित विवरण रखने के लिए राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज पंजीकरण प्रणाली (एनजीडीआरएस) को कार्यान्वित कर लिया है। भूमि संसाधन विभाग (डीओएलआर) का कहना है कि इन राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में ई-पंजीकरण को प्रमुखता दी जा रही है या फिर राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों ने उपयोगकर्ता इंटरफेस/एपीआई के माध्यम से एनजीडीआरएस के राष्ट्रीय पोर्टल पर अपना डाटा साझा करना शुरू कर दिया है। भूमि संसाधन विभाग के भू सम्पति प्रभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, विशिष्ट भूमि खण्ड पहचान संख्या (यूएलपीआईएन) या भू-आधार को 26 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अंगीकृत किया गया तथा 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा इसको प्रायोगिक परीक्षण के तौर पर लागू किया गया है। कुछ राज्य स्वामित्व पोर्टल में यूएलपीआईएन (गांवों की आबाद...

भारत में जल स्रोतों पर अभी तक की पहली गणना हुई

नई दिल्ली। देश के इतिहास में पहली बार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के सक्षम मार्गदर्शन में जल शक्ति मंत्रालय ने देश भर में पहली बार जल स्रोतों की गणना की है। यह गणना भारत के जल संसाधनों की एक व्यापक सूची प्रदान करती है, जिसमें प्राकृतिक और मानव निर्मित जल स्रोत जैसे तालाब, टैंक, झील आदि के साथ-साथ जल स्रोतों पर अतिक्रमण से जुड़ा डेटा एकत्र करना शामिल है। जनगणना ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच असमानताओं और अतिक्रमण के विभिन्न स्तरों पर भी प्रकाश डाला और देश के जल संसाधनों पर महत्वपूर्ण जानकारी सामने रखी है। यह गणना सभी जल स्रोतों के एक समग्र राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने के क्रम में छठी लघु सिंचाई गणना के अनुरूप केंद्र प्रायोजित योजना “सिंचाई गणना” के तहत शुरू की गई थी। इसमें जलाशयों के प्रकार, उनकी स्थिति, अतिक्...